Ranchi : झारखंड के सिंचाई योजनाओं में भ्रष्टाचार और गोलमाल करने वाले 37 इंजीनियरों को दंडित किया जायेगा। CM हेमंत सोरेन के आदेश पर इन बेईमान इंजीनियरों को चिहिंत किया गया है। इनमें कई इंजीनियर ऐसे हैं, जिनके खिलाफ सालों से चल रही जांच अटकी पड़ी है। कुछ इंजीनियरों पर लगे इल्जाम साबित हो चुके हैं। इनसे राशि रिकवरी के आदेश जारी किये गये हैं। दंडित करने के लिये जिन इंजीनियरों को चिहिंत किया गया है, उसमें से 15 रिटायर हो चुके हैं। जांच में दोषी पाये जाने पर इनसे राशि की रिकवरी की जायेगी। CM हेमंत सोरेन के इस फरमान के बाद से जल संसाधन विभाग से दूसरे विभाग में योगदान देने लगे हैं। खुद को बचाने के जुगाड़ में लगे और दूसरे विभाग में जाने वाले इंजीनियरों के नाम की सूची मांगी गई है।
विभाग की तरफ से हुई जांच में यह पाया गया है कि एक दर्जन से ज्यादा योजनाओं के टेंडर, एस्टीमेट से लेकर उन्हें धरातल पर उतारने के नाम पर कई तरह की गड़बड़ियां हुई। रांची, खूंटी, जमशेदपुर, लोहरदगा, जामताड़ा, सिमडेगा सहित कई जिलों में इस तरह की गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं। वहीं करीब 51 संदेही इंजीनियरों को दंडित किया जा चुका है। उनके इन्क्रीमेंट और प्रमोशन रोकने से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर विभागीय मंत्री के पास फाइल भेजी जा रही है। CM हेमंत सोरेन को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में ऐसे इंजीनियर्स के भी नाम हैं, जिनके खिलाफ FIR दर्ज कराते हुए राशि रिकवरी की अनुशंसा की जा चुकी है।
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