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Tuesday, September 27, 2022
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राजधानी रांची में “वर्दी” पर लाठीचार्ज

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उग्र सहायक पुलिसकर्मियों पर पुलिस ने बरसाई लाठी, कई घायल

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रांची : राजधानी रांची में वर्दी से भिड़ी वर्दी. राजभवन और सीएम आवास का घेराव करने निकले सहायक पुलिसकर्मियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. लाठीचार्ज के बाद सहायक पुलिसकर्मियों ने भी पत्थरबाजी की, जिसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गये.

स्थायीकरण की मांग को लेकर पिछले 1 सप्ताह से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे सहायक पुलिसकर्मियों के सब्र का बांध शुक्रवार को टूट गया. सहायक पुलिसकर्मियों ने राजभवन और सीएम आवास के का घेराव करने का निर्णय लिया. जैसे ही सहायक पुलिसकर्मी मोरहाबादी से राजभवन और सीएम आवास का घेराव करने निकले पहले से लगे बैरिकेडिंग के पास जिला पुलिस के जवान और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने उन्हें रोक दिया और उन्हें वापस जाने को कहा. मगर सहायक पुलिसकर्मी नहीं माने और उग्र होकर बैरिकेडिंग को तोड़ दिया, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और आंसू गैस के गोले भी दागे. लाठीचार्ज के दौरान कई पुलिसकर्मी और सहायक पुलिसकर्मी घायल हो गये. घायलों को एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ियों से अस्पताल भेजा गया.

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सहायक पुलिसकर्मियों को अधिकारियों ने समझाया

सहायक पुलिसकर्मियों के उग्र होने की सूचना पर सीनियर एसपी सुरेंद्र झा, सिटी एसपी, ट्रैफिक एसपी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर लोकेश मिश्रा समेत कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे सभी उग्र सहायक पुलिसकर्मियों को समझाने में जुट गये. अधिकारियों ने सहायक पुलिसकर्मियों को समझाया और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की बात कही.

सरकार नहीं कर रही कोई पहल : सहायक पुलिसकर्मी

इधर सहायक पुलिस कर्मियों का कहना है कि वे लोग अपनी मांग को लेकर पिछले 1 सप्ताह से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं. उन्हें न तो राजभवन और न ही सीएम आवास का घेराव करने दिया जा रहा है.  सीनियर पुलिस अधिकारियों के अलावा उनके पास बात करने के लिए सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं आया है. ऐसे में वे लोग अपनी बात कहां रखेंगे.

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बहाली से पहले रखी गई थी ये शर्त

सहायक पुलिस की बहाली पहले दो साल के लिए की जाएगी। इसके बाद एसपी या एसएसपी की अनुशंसा पर डीआईजी के अनुमोदन के बाद एक-एक साल कर तीन साल तक उनकी सेवा अवधि बढ़ाई जा सकती है। पुलिस में बहाली के समय एक साल की बेहतर सेवा पर परीक्षा में दो फीसदी अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। बहाली में उनके लिए यही वेटेज होगा। संबंधित जिले के एसपी या एसएसपी बहाली बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। डीआईजी स्तर पर इस बोर्ड का गठन किया जाएगा।

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नियुक्ति के बाद सबसे पहले सहायक पुलिस को बिना हथियार के ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें ट्रैफिक , बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार संबंधी ट्रेनिंग शामिल हैं। इसके बाद उन्हें ड्यूटी पर लगाया जाएगा।

नियुक्ति के आधार पर भविष्य में स्थाई बहाली का दावा कोई भी अभ्यर्थी नहीं कर सकता है। इसके लिए संबंधित युवाओं से पहले ही शपथ पत्र ले लिया जाएगा। इन्हें मेडिक्लेम एवं दुर्घटना बीमा की सुविधा मिलेगी। काम के दौरान निधन पर आश्रित परिवार को गृह रक्षक के समान अनुग्रह अनुदान मिलेगा। लेकिन किसी आश्रित की नौकरी का दावा नहीं बनेगा।

पुलिस की तरह ही इनकी ऊंचाई (लंबाई) भी तय की गई थी। सामान्य और ओबीसी पुरुष के लिए न्यूनतम 160 सेमी और सीना 81 सेमी रहना चाहिए। एसटी-एससी पुरुष के लिए न्यूनतम 155 सेमी जरूरी। महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 148 सेमी रखी गई थी।

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