Ranchi(Raju Choubey) : एक मां की चीख-पुकार के शोर पर जुटे लोगों ने पूरा जोर लगाकर तिरूफॉल में डूबे जवान बेटों को एक-एक कर बाहर निकाला। बेसुध आशीष कुमार उसके भाई अंकुर कुमार और बेहद करीबी रिश्तेदार दीपक गिरी को तुरंत बुढ़मू के CHC ले जाया गया। वहां के डॉक्टर के मुख से हौले से निकले शब्द सॉरी.. सुन मां भी वहीं गश खाकर गिर पड़ी। मां की हालत देख वहां मौजूद हर किसी के आंखों में आंसू छलक आये। पिता के साये से वंचित इंजीनियर आशीष गुड़गांव में नौकरी करता था, वह छुट्टी में अपने घर आया था। उसकी छुट्टी खत्म हो गई थी। उसे आज शाम ही फ्लाईट से दिल्ली लौटना था। उसका छोटा भाई अंकूर भी इंजीनियर था। उसकी रांची के IHM में नौकरी लगी थी। दीपक गिरी रांची के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में पढ़ाई करता था। नई कार खरीदने की खुशी में जवान बेटे अपनी ASI मां के साथ घूमने तिरूफॉल पहुंचे। इनके साथ दीपक गिरी भी गया था। वह चान्हो थाना क्षेत्र के करकट गांव में रहता था। उसके पिता का नाम अशोक गिरी बताया गया। नहाने की खातिर आशीष ने फॉल में छलांग लगा दी, वह गहरे पानी में डूबता चला गया। उसे बचाने के लिये उसके छोटे भाई अंकुर और करीबी रिश्तेदार दीपक भी कूद गये, पर तीनों डूब गये। तीनों को डूबते देख चीखती-चिल्लाती मां भी पानी में उतर गई, पर तीनों को बचाया नहीं जा सका। बाद में रस्सी के सहारे तीनों को बाहर निकाला गया, तबतक बहुत देर हो चुकी थी। यह फॉल राजधानी रांची के बुढ़मू में है। पिपरवार थाने में पदस्थापित ASI मां का घर रांची के हेहल में है। सुनें क्या बोले DSP राम नारायण चौधरी…
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