New Delhi : क्रिसमस की रौनक और नये साल के जश्न के बीच उत्तर भारत पर छाया घना कोहरा रेल यात्रियों के लिये आफत बनकर टूट पड़ा है। उत्तर रेलवे की पटरियों पर रफ्तार थमी हुई है, कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं, तो कई को रद्द करना पड़ा है। नतीजा यह कि हजारों यात्रियों की खुशियों भरी योजनायें अधर में लटक गई हैं। नये साल पर कोलकाता जाने की तैयारी कर रहे एक शख्स नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर खड़े हैं, चेहरे पर उत्साह नहीं, बल्कि असमंजस साफ झलक रहा है। उनका कहना है, “ट्रेन कब चलेगी, चलेगी भी या नहीं, कुछ तय नहीं। स्पेशल ट्रेनें भी भरोसेमंद नहीं लग रहीं।” जश्न की उम्मीद अब चिंता में बदल चुकी है। बिहार जाने की तैयारी में जुटे भवेश बताते हैं कि इस महीने कन्फर्म टिकट मिलना किसी इम्तिहान से कम नहीं। “लंबी वेटिंग लिस्ट है, स्पेशल ट्रेन में भी सीट पक्की नहीं,” वे कहते हैं। भीड़ इतनी कि प्लेटफॉर्म पर कदम रखने की जगह नहीं। उत्तर रेलवे के मुताबिक, 50 से ज्यादा ट्रेनें 2 से 7 घंटे तक लेट चल रही हैं। सोमवार को तो 90 से अधिक ट्रेनें देरी से दर्ज की गईं। देरी का असर कनेक्टिंग ट्रेन और बसों पर भी पड़ा है, यात्रियों की पूरी चेन टूट रही है।
स्पेशल ट्रेनें, फिर भी राहत अधूरी
भीड़ को देखते हुये रेलवे ने आठ जोन में 244 स्पेशल ट्रेन ट्रिप की घोषणा की है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि रद्द हुई अधिकतर ट्रेनें कम दूरी की थीं और स्पेशल ट्रेनों की जानकारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। लेकिन जमीनी हकीकत में राहत अभी अधूरी है। रेल विशेषज्ञ मानते हैं कि कोहरा प्राकृतिक बाधा है, एक ट्रेन लेट हुई तो देरी की लहर पूरे नेटवर्क में फैल जाती है। यही वजह है कि हालात संभलने में वक्त लगता है।






