Ranchi : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर चडरी सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि झारखंड में आदिवासी महोत्सव मनाया जा रहा है। वहीं राज्य में आदिवासी समाज के साथ अत्याचार, शोषण, धर्मांतरण, जल, जंगल, जमीन की लूट, आदिवासी समाज की रीति रिवाज एवं धर्म संस्कृति परंपरा से खिलवाड़ एवं आदिवासियों के साथ बलात्कार एवं हत्या जैसी घटनाएं हो रही है। बबलू मुंडा ने कहा कि जबतक आदिवासी समाज पूरी तरह से सुरक्षित एवं विकसित नहीं हो जाता, तबतक आदिवासी महोत्सव मनाना उचित नहीं।
केन्द्रीय सरना समिति एवं चडरी सरना समिति बैनर तले रांची के अल्बर्ट एक्का चौक आयोजित कार्यक्रम में मुख्य पहान जगलाल पहान ने कहा कि प्राकृतिक एवं पर्यावरण को बनाये रखने पर जीवन सुरक्षित रह सकता है। वहीं, हम सुरक्षित तब ही रहेंगे अपना धर्म संस्कृति परंपरा को बचा पायेंगे। जगलाल पहान ने कहा कि आने वाले नई पीढ़ी अपनी पूर्वजों द्वारा दी गई पारंपरिक रूढ़िवादी धर्म संस्कृति रीति रिवाज व्यवस्था को बचाये एवं बरकरार रखें। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर करीब 20 हजार पौधे लोगों के बीच बांटे गये।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से रांची के विधायक सीपी सिंह, पूर्व उपमापौर संजीव विजयवर्गीय, कोतवाली DSP प्रकाश सोय, कोतवाली के थानेदार रंजीत सिन्हा, केंद्रीय अध्यक्ष बबलू मुंडा, जगलाल पहान, सुरेंद्र लिंडा, झारखंड आंदोलनकारी कुमोद कुमार वर्मा, शोभा कच्छप, जगन्नाथ तिर्की, किरण तिर्की, अशोक उरांव, विश्वास उरांव, अनिता गाड़ी, लक्ष्मण मुंडा, सुरेंद्र मुंडा, नीरज कुमार, माना टोप्पो, महादेव टोप्पो, आजसू पार्टी का नगर सचिव रमेश गुप्ता, बंटी यादव, समाजसेवी श्रेयांश भारद्वाज, मुन्ना हेंब्रम, मुकेश मुंडा, आशीष मुंडा एवं विशाल मंडा सहित अन्य मौजूद थे। यह जानकारी समिति के महासचिव अशोक उरांव ने दी।
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