UP : यूपी के शामली में एक शख्स ने अपनी पत्नी और दो नाबालिग बेटियों की हत्या कर उनके शव घर के आंगन में ही दफना दिये। आरोपी फारूख, जो शादी-ब्याह में खाना बनाने का काम करता है, अपने माता-पिता से अलग घर में पत्नी ताहिरा (32) और पांच बच्चों के साथ रहता था। पत्नी और बेटियां आफरीन और सहरीन करीब छह दिनों से लापता थीं। जब फारूख कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, तो उसके पिता दाउद को शक हुआ। पुलिस को सूचना दी गई और सच सामने आते ही रूह कांप उठी।
बुर्का, शक और रुपयों का झगड़ा
SP नरेंद्र प्रताप सिंह ने मीडिया को बताया कि पूछताछ में फारूख ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि एक माह पहले रुपयों को लेकर झगड़ा हुआ था। पत्नी ताहिरा बिना बुर्का मायके चली गई थी, जिससे वह नाराज था। आरोपी ने स्वीकार किया कि शादी के बाद से वह पत्नी को पर्दे में रखता था, बिना बुर्का बाहर निकलने की इजाजत नहीं देता था। बीते 10 दिसंबर की रात 9 से 10 बजे के बीच फारूख ने पहले पत्नी को गोली मार दी। मां को मरते देख चुकी दोनों बेटियां उसकी दरिंदगी की गवाह बन गईं, तो उसने उन्हें भी नहीं छोड़ा। पुलिस को मौके से खून से सना मोटा डंडा मिला है। आफरीन की एक आंख बाहर निकली मिली, जो क्रूरता की हद बयान करती है। सबसे विचलित करने वाली बात यह रही कि आरोपी के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था। तीनों शवों को उसने घर के आंगन में दफना दिया। इधर, मृतका के पिता ने बताया कि फारूख लंबे समय से बेटी को प्रताड़ित करता था। कई बार पंचायतें हुईं, लेकिन सामाजिक दबाव में बेटी को वापस भेज दिया गया। इस बार पंचायतें भी तीन जिंदगियां नहीं बचा सकीं।









