Ranchi : झारखंड की धरती ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब इसकी बेटियां कदम बढ़ाती हैं तो इतिहास लिखा जाता है। हैदराबाद में आयोजित ‘SHG Federation Awards 2025’ में आज शाम झारखंड के तीन संकुल स्तरीय संगठन (CLF) ने ऐसा परचम लहराया कि पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा हो गया। यह झारखंड की ग्रामीण महिलाओं के हौसले, मेहनत और सामूहिक नेतृत्व की उजली जीत है।
धनकेरी और बनहे चमके
चतरा की मिट्टी ने इस बार कमाल कर दिखाया। धनकेरी और बनहे, दोनों संकुलों ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा और तीसरा स्थान हासिल कर झारखंड के नाम के आगे सम्मान की नई इबारत लिख दी। धनकेरी आजीविका महिला संकुल, 3,100 महिलाओं का मजबूत परिवार, डिजिटल मॉनिटरिंग, ऑनलाइन DCB, LokOS, 100% लोन पुनर्भुगतान पारदर्शी व सुव्यवस्थित वित्तीय प्रबंधन, इन मानकों ने इसे राष्ट्रीय द्वितीय पुरस्कार दिलाया। बनहे महिला संकुल, जीरो डिफॉल्ट पोर्टफोलियो, बजट-विश्लेषण से लेकर फंड फ्लो तक बेदाग व्यवस्था, idle cash की कमी व डिजिटल पारदर्शिता, इन उपलब्धियों ने इसे राष्ट्रीय तृतीय पुरस्कार दिलाया।
बगुरिया CLF ने लहराया झारखंड का परचम
पूर्वी सिंहभूम का बगुरिया CLF (घाटशिला) पूर्वी क्षेत्र में द्वितीय स्थान प्राप्त कर चमक उठा। किसानों को सस्ता CIF ऋण, 22 AKM और 2 Sr. AKM के माध्यम से उन्नत प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं से बीज, खाद, उपकरण, खेती छोड़ चुके परिवारों को फिर से खेती से जोड़ना, आज यही मॉडल क्षेत्र के किसानों को ‘लखपति किसान’ बना रहा है। 2,500 से अधिक परिवार इस बदलाव के जीते-जागते साक्षी हैं।
“यह महिलाओं की सामूहिक शक्ति की जीत है”
मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्य मित्तल ने कहा कि “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य के 423 मॉडल CLF ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की नई कहानी लिख रहे हैं। ये पुरस्कार झारखंड की महिलाओं के पारदर्शी प्रबंधन और अद्भुत संगठन क्षमता का प्रमाण हैं।”









