UP : पीलीभीत में आज नगर पालिका ने समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर ताला जड़ दिया। पार्टी का नाम दीवार से मिटाया गया। वहीं, झंडा उखाड़ हटा दिया गया। 7 थानों की फोर्स और 200 से अधिक जवान मौके पर पहुंचे। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह ‘जग्गा’ और कार्यकर्ता अड़े रहे, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी और कार्रवाई करते हुये कार्यालय खाली करा दिया। इससे पहले पुलिस और सपा कार्यकर्त्ताओं में झड़पें हुई, जब नोकझोंक बढ़ी तो पुलिस ने 35 सपा कार्यकर्ता को हिरासत में ले लिया। सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर ने मीडिया को बताया कि “यह अधिशासी अधिकारी का सरकारी आवास था, 2005 में सपा को महज ₹150 के किराये पर दिया गया था। 2020 में आवंटन रद्द हो गया था। अब यह अवैध कब्जा है।” वहीं सपा नेता का कहना है, “यह सिर्फ दफ्तर पर कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आवाज पर ताला है। कोर्ट में केस विचाराधीन है, फिर यह तानाशाही क्यों?” सपा नेता जग्गा बोले, अगर यही कानून है, तो हम भी सत्ता की बेनामी संपत्तियों की जांच करायेंगे। खबर है कि पहले नोटिस दिया गया, सपा ने 6 महीने की मोहलत मांगी, 16 जून तक का वक्त मिला। तीन दिन पहले अंतिम चेतावनी चस्पा हुई और इसके बाद आज कार्रवाई पूरी की गई।
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