Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और शैक्षणिक संकट को लेकर झारखंड अभिभावक संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। संघ ने ईमेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर स्कूलों की बदहाल शैक्षणिक व्यवस्था पर चिंता जताई है।संघ के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि ये स्कूल भले ही आधुनिक संसाधनों से लैस हैं और CBSE पैटर्न पर चल रहे हैं, लेकिन प्रशिक्षित विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की घोर कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
सर्वेक्षण में सामने आईं प्रमुख समस्याएं
- अधिकांश स्कूलों में गणित, विज्ञान, अंग्रेज़ी और कॉमर्स जैसे विषयों के शिक्षक ही नहीं हैं
- कई विद्यालय सिर्फ 1-2 शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं
- प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और ICT संसाधनों का लगभग अभाव
- प्लस टू विद्यार्थियों को मानसिक तनाव और करियर संकट का सामना
संघ की मुख्य मांगें
- विषयवार नियमित शिक्षकों की नियुक्ति शीघ्र की जाये
- जब तक नियुक्ति न हो, अतिथि शिक्षक नियुक्त किए जाये
- हर स्कूल की शिक्षक स्थिति की पारदर्शी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाये
- साप्ताहिक शैक्षणिक समीक्षा प्रणाली लागू हो
- सभी स्कूलों में बेसिक शैक्षणिक संसाधनों की अनिवार्य उपलब्धता हो
- जिला प्रशासन को शैक्षणिक गुणवत्ता पर मासिक रिपोर्ट देने का निर्देश मिले
“अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो राज्यभर में अभिभावकों के साथ जन-जागरूकता अभियान और संवाद श्रृंखला शुरू की जायेगी,” अजय राय ने चेताया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि ग्रामीण व कमजोर तबके के छात्र शिक्षा से वंचित न हों, इसके लिए तत्काल हस्तक्षेप जरूरी है।










