Kohramlive : हमारे शरीर के सही विकास और अंगों के ठीक-ठाक काम करने के लिये प्रोटीन बेहद जरूरी है। यह मांसपेशियों, त्वचा, बाल, एंजाइम और हॉर्मोन के निर्माण व मरम्मत में अहम भूमिका निभाता है। पर्याप्त प्रोटीन न मिलने पर मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और शरीर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। हेल्थलाइन के अनुसार, सामान्य वयस्क प्रति किलो वजन पर 0.8–1 ग्राम प्रोटीन रोजाना लेना बेहतर माना गया है। एथलीट व विशेष स्वास्थ्य स्थिति वाले लोगों को इससे अधिक प्रोटीन की आवश्यकता है।
प्रोटीन क्यों जरूरी है?
- मांसपेशियों, हड्डियों, त्वचा, बाल, हार्मोन और एंजाइम के निर्माण के लिये।
- इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म को बनाये रखने के लिये।
- रोजाना सामान्य वयस्क को प्रति किलो वजन पर 0.8–1 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता।
प्रोटीन के स्रोत
मांस, मछली, अंडा, दूध-दही-पनीर, दाल, राजमा, चना, बीन्स, टोफू, नट्स और सीड्स।
प्रोटीन की कमी के लक्षण
- कमजोरी और थकान – मांसपेशियों का टूटना, शरीर जल्दी थकना।
- बाल झड़ना व नाखून कमजोर होना – शरीर जरूरी अंगों को प्राथमिकता देता है, जिससे बाल-नाखून प्रभावित होते हैं।
- बार-बार बीमार पड़ना व घाव देर से भरना – इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है।
- सूजन (एडेमा) – खासकर पैरों और हाथों में।
- भूख ज्यादा लगना – ब्लड शुगर असंतुलित होने से बार-बार खाने की इच्छा।
- मांसपेशियों का टूटना और जोड़ों में दर्द – शरीर प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए मांसपेशियां तोड़ता है।
- मूड स्विंग और ध्यान में कमी – न्यूरोट्रांसमीटर का संतुलन बिगड़ने से मानसिक धुंधलापन।
- बच्चों में धीमी वृद्धि – शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है।
सुझाव
- हर भोजन में प्रोटीन जरूर शामिल करें।
- शाकाहारी लोग दाल, सोया, चना, मूंगफली और बीजों से अच्छी प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं।
- लगातार थकान, बाल झड़ना या सूजन जैसे लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह लें।
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