Ranchi : झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर 8 दिसंबर को राजधानी रांची में राज्यभर के मनरेगा कर्मी बड़े धरना-प्रदर्शन का आयोजन करेंगे। संघ ने घोषणा की है कि वे ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के आवास का घेराव करेंगे। वहीं, राजधानी में जोरदार धरना और प्रदर्शन किया जायेगा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जॉन पीटर बागे ने बताया कि इस आंदोलन में बड़े पैमाने पर मनरेगाकर्मी हिस्सा लेंगे, जिनमें, BPO, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, लेखा सहायक, कम्प्यूटर सहायक और ग्राम रोजगार सेवक शामिल होंगे। राज्य के लगभग 5000 मनरेगाकर्मी पिछले 18 वर्षों से ग्रामीण विकास विभाग के तहत पंचायत स्तर पर सेवा दे रहे हैं। बावजूद इसके, उन्हें केवल मनरेगा मद के 4% प्रशासनिक बजट से मानदेय मिलता है। कोई अन्य लाभ, न बीमा, न सुरक्षा, न स्थायी सेवा, उपलब्ध नहीं है। जॉन पीटर बागे के अनुसार, कई हड़तालें और आंदोलन हुये, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं दिखी। इससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
मुख्य मांगें क्या हैं?
ग्रेड पे की सुविधाः सभी मनरेगा कर्मियों को ग्रेड पे प्रदान किया जाये।
सामाजिक सुरक्षाः सड़क दुर्घटना, ब्रेन हेमरेज या आत्महत्या की स्थिति में मृतक कर्मियों के आश्रितों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिले।
स्वास्थ्य बीमाः मनरेगा कर्मियों को ESI योजना का लाभ दिया जाये।
सेवा सुरक्षा नीतिः मध्य प्रदेश की तर्ज पर स्पष्ट निलंबन प्रक्रिया और जीवन निर्वाह भत्ता उपलब्ध कराया जाये।
अपील प्राधिकारः बर्खास्त कर्मियों की सुनवाई के लिये प्रमंडलीय आयुक्त को ही प्रथम अपीलीय प्राधिकार बनाये रखा जाये, ताकि स्थानीय स्तर पर न्याय सुनिश्चित हो।
कर्मचारियों का कहना है कि पंचायत स्तर पर भारी जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें सुरक्षा, सम्मान, नियमितता और सुविधा नहीं मिल रही है। 8 दिसंबर का यह आंदोलन राज्यभर के मनरेगा कर्मियों के ऐतिहासिक प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जिसका लक्ष्य उनकी मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।










