Palamu : पलामू के मनातू की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ ने दो घरों के चिराग बुझा दिये, लेकिन उस बलिदान ने पूरे झारखंड का माथा ऊंचा कर दिया। बरेवा गांव के संतन मेहता और परता गांव के सुनील राम ,ये दोनों वीर सपूत अपने लहू से धरती को सींचकर अमर हो गये। सोमवार को झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर शहीद परिवारों से मिलने पहुंचे। बरेवा में सरिता देवी (शहीद संतन मेहता की पत्नी) के आंसुओं को पोंछते हुये कहा, “सरकार आपके साथ है, हर सांस के साथ खड़ी रहेगी।” परता में सुनील राम के परिजनों के आंगन में प्रवेश करते ही सन्नाटा गूंज उठा। मंत्री ने झुककर शहीद को नमन किया और भरोसा दिलाया कि कोई भी सरकारी मदद अब इंतजार में नहीं रहेगी। हृदय चीर देने वाला क्षण तब आया, जब दोनों वीरांगनाओं ने मंत्री से कहा, “हमने अपना सुहाग खोया है, लेकिन नक्सलियों के खिलाफ अभियान कभी रुकना नहीं चाहिये। उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिये।”
शहादत का सम्मान
- हर शहीद परिवार को 2 करोड़ रुपये (बैंक-सरकार समझौते के तहत)
- सरिता देवी को लिपिक पद पर नौकरी
- बरेवा मेन रोड से श्मशान घाट तक पक्की सड़क
- गांव में संतन मेहता का स्मारक
- परता गांव में भी सुनील राम के परिवार को हर सरकारी लाभ प्राथमिकता से
गम और गर्व का संगम
मनातू की मुठभेड़ के बाद सोमवार को भी हुसैनाबाद, बरेवा और परता के चौराहों पर सिर्फ दो नाम गूंजते रहे,
संतन मेहता और सुनील राम। लोग आंखों में आंसू और दिल में गर्व लेकर कहते रहे, “ये बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा।”










