Bihar : बिहार की धरती इन दिनों सिर्फ भीग नहीं रही, बल्कि कराह रही है। बरसात की इस ऋतु में जहां एक ओर खेतों में हरियाली लहलहा रही है, वहीं आसमान से गिरी कहर की बिजली ने 19 घरों के चिराग बुझा दिये। किसी ने सुबह की रोटी सेंकी थी, किसी ने खेत की मेड़ पर पांव रखा ही था, पर वज्रपात की एक गर्जना ने सब कुछ छीन लिया। नालंदा में पांच माओं ने अपने लाल खो दिये। वैशाली की जमीन ने चार बेटे समा लिये। पटना, बांका, समस्तीपुर, औरंगाबाद, नवादा, जमुई, शेखपुरा, जहानाबाद हर जिले की मिट्टी ने चुपचाप आंसू पोंछे। जहानाबाद की बुज़ुर्ग महिला, जिनके पोते की आंखों में अब केवल डर है, बताती हैं, “बस एक चमक थी और फिर धुएं में लिपटा हमारा लाल…”CM नीतीश कुमार ने दुःखी स्वर में मीडिया से कहा “हर मृतक परिवार को चार लाख रुपए अनुग्रह राशि दी जायेगी। हम इस आपदा की घड़ी में साथ हैं।” पर जो मां अपने बेटे को वापस बुला रही है, वह किसी चेक से चुप नहीं होती। आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड में है। मानसून अपनी मस्ती में है, पर इंसानी जिंदगियां हर दिन उसके नीचे बुझ रही हैं।
आगे और बरसने वाला है आसमान…
मौसम विभाग ने चेताया है कि “पश्चिम चंपारण से लेकर कटिहार तक, सभी जिले सतर्क रहें। तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना और बढ़ी है।” यह कोई पहली बार नहीं। बीते 13 जुलाई को गया और बांका में 6 लोग काल के ग्रास बने। गांवों में अब बारिश का शोर नहीं, मातम की सिसकियां हैं।












