UP : गाजियाबाद के लोनी में एक बेटी चुपचाप दुनिया से चली गई, मगर जाते-जाते पुलिस की नींदें जगा गई। 23 साल की मूक-बधिर लड़की, जिसे शब्दों से नहीं, आंखों से दुनिया को समझाना आता था, दरिंदों की हवस का शिकार हुई। जब इंसाफ की उम्मीद टूटी, तो उसने अपने ही दुपट्टे से वो उम्मीद भी खत्म कर दी। 18 अगस्त को तीन हैवानों ने उसका अपहरण कर सामूहिक दुराचार किया। इलाज के बाद जब वो घर लौटी, तो उसकी आंखों में डर और आत्मा में जख्म था। 19 अगस्त की रात, उसने फांसी लगा ली। एक बार फिर, न्याय से पहले एक और जान चली गई। और फिर भोर से पहले गोली चली। निठौरा अंडरपास पर एनकाउंटर हुआ। पुलिस की गोली से घायल दो संदेही गुनहगार रोहित (31) और भोला (53) अब सलाखों के पीछे हैं। उनके पास से तमंचे, कारतूस और चोरी की बाइक बरामद हुई। पुलिस ने मीडिया को बताया कि “वो भाग रहे थे, गोली चलाई, हमने भी चलाई।” शहर कहता है “देर से सही, पर सही हुआ…”
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