Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा के विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) दिनेश कुमार की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के गुनहगार अमिताभ विश्वकर्मा को 20 वर्ष का सश्रम कारावास सुनाया। अदालत ने गुनहगार पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला मेराल थाना क्षेत्र के अटौला गांव का है। 17 फरवरी 2024, की सुबह करीब 7 बजे पढ़ाई के लिये चाचा के घर रह रही नाबालिग, छोटी दादी के घर से मोबाइल चार्जर लेकर लौट रही थी। तभी गांव का ही दरिंदा अमिताभ विश्वकर्मा रास्ते में उसे दबोच लिया। जान से मारने की धमकी देकर उसका मुंह बंद कर उसे पास के अरहर के खेत में घसीट ले जाकर दुष्कर्म किया। बच्ची के देर तक नहीं लौटने पर चाची उसे खोजते हुये वहां पहुंचीं। चाची की आवाज सुनते ही आरोपी भाग खड़ा हुआ। कांपती हुई बच्ची ने चाची को पूरी आपबीती सुनाई। विरोध करने पर आरोपी और उसके परिजनों ने गाली-गलौज और मारपीट की, जिसमें बच्ची के पिता घायल हो गये।
18 फरवरी 2024 को मेराल थाना में केस (कांड संख्या 40/2024) दर्ज किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पीड़िता का मेडिकल, धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपी समेत उसके परिजनों पर भी चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान 9 गवाहों के बयान दर्ज किये गये। 9 दिसंबर को अमिताभ विश्वकर्मा दोषी करार दिया गया। आज उसे सजा सुनाई गई। साक्ष्य के अभाव में अन्य आरोपी बरी कर दिये गये। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक उमेश दीक्षित ने बहस की, वहीं बचाव पक्ष से अधिवक्ता पंकज कुमार ने पक्ष रखा।






