Bihar : बिहार की सियासत में लालू परिवार के भीतर चल रही खींचतान के बीच अब तस्वीर कुछ बदलती नजर आ रही है। रिश्तों में आई तल्खी के बीच एक बार फिर भाई-बहन के सुर तेजस्वी यादव के साथ सुनाई देने लगे हैं। पहले बहन रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी के पक्ष में आवाज उठाई और अब बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने भी उनके राजनीतिक कदम का समर्थन कर दिया है। तेज प्रताप ने छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर तेजस्वी यादव की ओर से निकाले जा रहे लोकभवन मार्च को समर्थन देने का ऐलान किया है।
सिवान में छात्रों पर फायरिंग से भड़के तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव ने बुधवार को अपने X हैंडल पर पोस्ट कर सिवान में छात्रों पर हुई फायरिंग और उनके घायल होने की घटना को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक समेत छात्रों और नौजवानों के हक की लड़ाई लगातार जारी है। उनके बयान में छात्र और युवा मुद्दे के साथ-साथ सरकार के खिलाफ राजनीतिक तेवर भी साफ नजर आये। तेज प्रताप ने याद दिलाया कि छात्रों के मुद्दे पर हुये आंदोलन में वह खुद भी शामिल हुये थे और इसी सिलसिले में उन्हें तीन दिन जेल में रहना पड़ा था। उन्होंने कहा कि आज अगर राजद नेता तेजस्वी यादव छात्रों और युवाओं की मांगों को लेकर मार्च निकाल रहे हैं, तो जनशक्ति जनता दल की ओर से वह इस मार्च का समर्थन करते हैं। उन्होंने साफ किया कि छात्रों और युवाओं के हित में उठाई जा रही आवाज को उनका समर्थन आगे भी जारी रहेगा।
‘जब तक मांगें पूरी नहीं, लड़ाई जारी रहेगी’
तेज प्रताप ने कहा कि छात्रों और युवाओं की जायज मांगें पूरी होने तक उनकी पार्टी अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने अपने संदेश को नारे के साथ समाप्त किया, “छात्रों का हक, हमारी लड़ाई। युवाओं की आवाज, हमारी आवाज।” तेज प्रताप का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब लालू परिवार के भीतर राजनीतिक और पारिवारिक मतभेदों को लेकर बिहार की सियासत में खूब चर्चा रही है। कुछ समय पहले तेज प्रताप और रोहिणी आचार्य के बयानों से परिवार के भीतर दूरी की तस्वीर उभरती दिखाई दी थी। लेकिन अब घटनाक्रम तेजी से करवट लेता दिख रहा है। रोहिणी आचार्य के तेजस्वी के पक्ष में आने के बाद तेज प्रताप का भी उनके आंदोलन को समर्थन देना लालू परिवार की सियासी तस्वीर में एक नया संकेत माना जा रहा है।








