Ormanjhi(Kuldeep Tiwari) : कभी जिन आंगनों में बेटियों की हंसी गूंजती थी, आज वहां खामोशी है। आंखें दरवाजे पर टिकी हैं और हर आहट पर परिवार को लगता है कि शायद उनकी बेटियां लौट आईं। लेकिन यह इंतजार अब दो महीने से ज्यादा लंबा हो चुका है। ओरमांझी थाना क्षेत्र के गुडू गांव से 15 जून को दो नाबालिग लड़कियां एक साथ लापता हो गईं। लापता लड़कियों में गुडू गांव में रहनेवाली 14 साल की फूल कुमारी (पिता सनोज मुंडा) और 17 साल की निशा कुमारी (पिता बिदेसी साव) शामिल हैं। परिजनों के अनुसार दोनों लड़कियां 15 जून को घर से निकली थीं। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। पहले परिवारवालों ने अपने स्तर से रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित जगहों पर तलाश की। जब हर कोशिश नाकाम रही तो 19 जून को ओरमांझी थाना में आवेदन देकर दोनों को खोजने की गुहार लगाई गई। लेकिन समय गुजरता गया और परिवार की उम्मीद के साथ चिंता भी बढ़ती गई। बेटियों के लापता होने के बाद दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों को अब भी उम्मीद है कि उनकी बेटियां जहां कहीं भी होंगी, सुरक्षित होंगी और एक दिन अचानक घर के दरवाजे पर आकर खड़ी हो जायेंगी। फूल कुमारी आदिवासी परिवार से है। दो नाबालिग बेटियों के एक साथ गायब होने की घटना ने परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है। मां-बाप के लिये हर गुजरता दिन किसी भारी पत्थर से कम नहीं है। फोन की हर घंटी उम्मीद जगाती है और हर बार अनजान आवाज उस उम्मीद को फिर इंतजार में बदल देती है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपनी तरफ से बेटियों को ढूंढने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब उन्हें पुलिस की कार्रवाई और बेटियों की सही-सलामत मिलने का इंतजार है। सुनें क्या बोले, घरवाले…








