Koderma : वर्चस्व के खेल में कोडरमा में दो गुटों में अक्सर मारधाड़ होते रहता है। ताकत और हुकुमत कायम रखने की चाह में छोटे बड़े हथियारों का खुलकर इस्वेमाल भी होता है। वर्चस्व को लेकर ही कोडरमा के शारदा माइंस में फायरिंग की वारदात हुई थी। इस कांड में शामिल तीन संदेही गुनाहगारों को कोडरमा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक कार्बाइन, नाइन एमएम के दो उम्दा पिस्टल, एक देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा, एक मैगजिन और 17 जिंदा गोलियां बरामद की गई है। पकड़े गये बदमाशों में राजू यादव, फिरोज अंसारी और किशोर यादव शामिल है। गिरफ्तार राजू और किशोर चौधरी टोला सपही का रहनेवाला है, वहीं फिरोज ढोढाकोला चिलंगिया मोहल्ले में रहता है। कोडरमा के डोमचांच थाना क्षेत्र के शारदा माइंस में फायरिंग करने के इल्जाम में पहले भी 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा चा चुका है। माइंस में नाजायज उत्खनन को लेकर दो गिरोह में टकराव होते रहता है।
सूत्रों के अनुसार बीते 26 अगस्त को कोडरमा के पुलिस कप्तान कुमार गौरव को गुप्त सूचना मिली थी कि शारदा माइंस में दो अलग-अलग गिरोह के लोगों का जुटान हुआ है। खूनी टकराव की प्रबल आशंका है। इस सूचना को पुलिस कप्तान ने गंभीरता से लिया। डोमचांच के थानेदार अब्दुला खां की देखरेख में एक मजबूत स्पेशल टीम का गठन किया। इसमें क्यूआरटी के जवानों को भी शामिल किया गया। पहले इस माइंस में वर्चस्व को लेकर फायरिंग की वारदात हो चुकी थी। गठित स्पेशल टीम ने डोमचांच के सपही गांव में रेड कर तीन संदेही गुनाहगारों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से उम्दा किस्म के हथियार मिले। जिन दो गिरोहों के बीच अक्सर टकराव होते रहती है, उसमें से एक गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया जा चुका है, वहीं दूसरे गिरोह के सरगना की तलाश जारी है।
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