Ranchi : जिस मासूम ने अभी दुनिया की रोशनी ठीक से देखी भी नहीं थी, उसे अपनों ने ऐसी बेरुखी से छोड़ दिया कि वह जुमार नदी की धार में बहता मिला। न कोई नाम, न कोई पहचान और न ही सिर पर किसी अपने का हाथ। सोमवार को BIT मेसरा ओपी क्षेत्र के गेतलातू स्थित जुमार नदी में देवी दर्शन मंदिर के पीछे एक नवजात बालक का शव लावारिस हालत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। नदी में बहते मासूम के शव को देखकर स्थानीय लोग सिहर उठे। मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों की मदद से नवजात के शव को नदी से बाहर निकाला। थानेदार अजय कुमार दास के नेतृत्व में पुलिस ने नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया। मामले में यूडी केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव नदी में किसने फेंका। पोस्टमार्टम के बाद भी जब मासूम को लेने कोई अपना सामने नहीं आया तो पुलिसकर्मियों ने धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार नवजात का विधिवत अंतिम संस्कार कराया। थानेदार अजय कुमार दास ने घटना पर दुख जताते हुये कहा कि किसी बच्चे की जन्म के बाद मृत्यु हो जाना अलग बात है, लेकिन उसके शव को इस तरह नदी में बहा देना बेहद अमानवीय है। उन्होंने कहा कि यदि किसी अस्पताल या घर में बच्चे की मृत्यु हुई थी, तो उसका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाना चाहिये था। मासूम को नदी में फेंकना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।















