Gumla : झारखंड के उग्रवाद प्रभावित इलाकों में एक बड़ा मोड़ तब आया जब पीपल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) को पुलिस कार्रवाई में सबसे करारा झटका लगा। 15 लाख के इनामी और दिनेश गोप के सबसे खासमखास मार्टिन केरकेट्टा को गुमला पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। यह कार्रवाई गुमला के कामडारा थाना क्षेत्र में उस समय हुई, जब मार्टिन अपनी टीम के साथ एक व्यवसायी से लेवी वसूलने पहुंचा था।
कामडारा में ऑपरेशन
गुमला SP हारीश बिन जमा को जैसे ही मार्टिन की लोकेशन की पुष्टि हुई, उन्होंने तुरंत एक विशेष टीम गठित कर घेराबंदी का निर्देश दिया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की घेराबंदी की भनक लगते ही मार्टिन ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। लगभग आधे घंटे तक चली इस मुठभेड़ में मार्टिन को गोली लगी और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। उसके पास से अत्याधुनिक हथियार और संगठन से जुड़ा कुछ दस्तावेजी साक्ष्य भी बरामद किया गया है।
PLFI के शीर्ष पर कैसे पहुँचा मार्टिन
झारखंड में लंबे समय से सक्रिय PLFI को जब NIA और राज्य पुलिस ने मिलकर उसके पूर्व सुप्रीमो दिनेश गोप को नेपाल से गिरफ्तार किया था, तब संगठन की बागडोर मार्टिन केरकेट्टा के हाथों में दी गई थी। दिनेश गोप, जिस पर 25 लाख का इनाम था, की गिरफ्तारी के बाद मार्टिन ने पूरे संगठन का संचालन संभालते हुये कई जिलों में खौफ फैलाया। खास तौर पर व्यवसायियों और ठेकेदारों से रंगदारी वसूलने की घटनाये बढ़ गई थीं। गुमला SP हारीश बिन जमा ने कहा, गुमला पुलिस की कार्रवाई में PLFI का शीर्ष नेतृत्व खत्म हुआ है। यह झारखंड के लिए एक निर्णायक क्षण है।”












