Kohramlive : आसमां के प्रेमियों के लिये 3 मार्च की शाम कोई साधारण शाम नहीं होगी। यह वो घड़ी होगी, जब धरती, सूरज और चांद के बीच रचा जायेगा एक खामोश, मगर दिल धड़काने वाला खगोलीय नाटक। पूर्ण चंद्र ग्रहण यानी ‘ब्लड मून’ का जादू। पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान धरती, सूरज और चांद के बीच आकर सीधी धूप को रोक देती है। धरती का वायुमंडल नीली रोशनी को छान देता है और लंबी लाल किरणों को चांद तक मोड़ देता है। बस… वही पल होता है जब चांद सफेद नहीं, बल्कि लालिमा से भरा हुआ दिखता है—जैसे आसमान ने उस पर सिंदूरी घूंघट डाल दिया हो। इसी वजह से इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
भारत में दिखेगा या छूट जायेगा?
भारत में यह नज़ारा दिखेगा, मगर अधूरा। जब चांद भारतीय आसमान में उगेगा, तब तक वह पृथ्वी की गहरी छाया से बाहर निकल रहा होगा। यानी हमें ग्रहण का आखिरी, धुंधला और रहस्यमयी हिस्सा ही देखने को मिलेगा। नई दिल्ली में चांद 18.18 बजे उगेगा। मुंबई में चांद 18.38 बजे नजर आयेगा। ग्रहण आधिकारिक तौर पर 21.23 IST पर समाप्त होगा। इस दौरान चांद पूरी तरह लाल नहीं, बल्कि हल्की धुंधली छाया में लिपटा हुआ दिखेगा, जैसे किसी याद की परछाईं।
यहां से दिखेगा सबसे शानदार नजारा
चंद्र ग्रहण देखने के लिये किसी खास चश्मे या फिल्टर की जरूरत नहीं होती। यह पूरी तरह सुरक्षित है। बस किसी ऐसी जगह खड़े हो जाइये, जहां से पूर्वी क्षितिज साफ दिखता हो, छत, मैदान या नदी किनारा और फिर देखिये, कैसे चांद अपनी कहानी खुद सुनाता है।
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