Delhi : मौत की उस रात की राख अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि भागने की तैयारी पूरी हो चुकी थी। गोवा के चर्चित नाइट क्लब अग्निकांड में 25 जिंदगियों की कीमत चुकाने वाले लूथरा ब्रदर्स सौरभ और गौरव अब कानून के सामने हैं। दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को गोवा पुलिस को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दे दी। दोनों आरोपियों को बुधवार सुबह गोवा ले जाकर स्थानीय अदालत में पेश किया जायेगा।
थाईलैंड से निर्वासन, एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी
घटना के बाद देश छोड़कर थाईलैंड भागे दोनों भाइयों को वहां से निर्वासित कर भारत लाया गया। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही गोवा पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जरूरी कानूनी औपचारिकताओं के बाद उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। अदालत की कार्यवाही के दौरान सौरभ और गौरव लूथरा अपने परिजनों से आमने-सामने होते ही भावुक हो उठे और फूट-फूट कर खूब रोने लगे। जांचकर्ताओं का दावा है कि 6 दिसंबर की रात करीब 11.45 बजे नाइट क्लब में भीषण आग लगी, जब 150 से ज्यादा लोग अंदर मौजूद थे। आरोप है कि बचाव और अग्निशमन अभियान जारी रहने के दौरान ही लूथरा ब्रदर्स ने देश छोड़ दिया। थाई अधिकारियों ने दोनों को वैध दस्तावेजों के बिना तय अवधि से अधिक ठहरने के आरोप में हिरासत में लिया। बाद में उन्हें बैंकॉक भेजा गया। इसी बीच नई दिल्ली के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने नोटिस जारी किया, स्पष्टीकरण मांगा गया और विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट जब्त कर लिये। भारत-थाईलैंड प्रत्यर्पण संधि के चलते उनकी वापसी संभव हो सकी। पुलिस और अग्निशमन विभाग की शुरुआती जांच में सामने आया कि कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रिक पटाखों की चिंगारी लकड़ी की छत से टकराई और देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। लाइसेंस खत्म हो चुकी थी, नियम ताक पर रख गुजरे 18 महीने से नाइट क्लब का संचालन चल रहा था।






