Garhwa(Nityanand Dubey) : ज्ञान और न्याय आज एक ही मंच पर साथ खड़े रहे, गढ़वा के आर.के.सी.एम. स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में शनिवार को विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। यह शिविर सर्वोच्च न्यायालय और नालसा (NALSA) के निर्देश, तथा झालसा (JHALSA), रांची के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। आयोजन का उद्देश्य था “हर छात्र तक न्याय की जानकारी, हर दिल में अधिकारों की समझ” पहुंचाना। कार्यक्रम का संचालन DLSA के आदेशानुसार हुआ, जिसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह-अध्यक्ष मनोज प्रसाद और सचिव निभा रंजन लकड़ा की प्रेरणा शामिल रही।
स्कूल की प्रधानाचार्या शिल्पी कुमारी ने मुख्य अतिथियों LADC के प्रवीन्द साहू और नित्यानंद दुबे का स्वागत पुष्पगुच्छ से किया। सभागार में उपस्थित सैकड़ों छात्रों की उत्सुक निगाहें, कानून की जटिल परिभाषाओं को सरल शब्दों में समझने को बेताब थीं। नित्यानंद दुबे ने जब भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21, जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा समझाया, तो बच्चों के चेहरों पर आत्मविश्वास की रोशनी झिलमिलाने लगी। उन्होंने बताया कि शिक्षा सिर्फ हक नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार है। “हर बच्चा पढ़ेगा, तभी देश बढ़ेगा” यह संदेश सभागार में गूंज उठा। प्रवीन्द साहू ने पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की जटिलताओं को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा, कानून सिर्फ सजा नहीं देता, वह सुरक्षा का वादा करता है। उनकी बातों ने बच्चों को यह एहसास कराया कि जागरूकता ही सबसे बड़ी ढाल है। अंत में प्रधानाचार्या शिल्पी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुये कहा, “आज हमारे छात्र सिर्फ पाठ्य पुस्तकों से नहीं, बल्कि जीवन के असली सबक से रूबरू हुये हैं। इस अवसर पर पी.एल.वी. रविन्द्र कुमार यादव, तृप्ता भानु, वाइस प्रिंसिपल राहुल कुमार, मैनेजर प्रदीप कुमार सिन्हा, सहित शिक्षकगण और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ने आयोजन को जीवंत बना दिया।






