Kohramlive : झारखंड की धरती इस 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस नहीं मनायेगी, वहीं, उसी रोज एक नई सुबह का स्वागत करेगी, शिक्षा की ओर बढ़ते हर कदम के संकल्प के साथ। राज्य सरकार एक ऐसा अभियान शुरू करने जा रही है, जो स्कूलों से लेकर हर घर, हर बच्चे के भविष्य को रोशन करेगा। शिक्षा विभाग ने तय किया है कि अब कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा। 15 नवंबर से 10 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस हाउसहोल्ड सर्वे में शिक्षक और शिक्षा विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर बच्चों का ब्योरा जुटायेंगे। यह सर्वे हर बच्चे के सपनों तक पहुंचने की यात्रा होगी।
इस अभियान को तकनीक का भी सहारा मिला है। शिक्षकों के लिये एक मोबाइल ऐप तैयार किया गया है, जिससे वे तुरंत सर्वे की जानकारी राज्य पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। हर जिले में स्कूलवार डेटा तैयार होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे। पंचायत, स्वयंसेवी संस्थायें और स्कूल प्रबंधन समितियां इस अभियान का अभिन्न हिस्सा होंगी, सरकार और समाज का यह संगम ही शिक्षा को जनांदोलन बना देगा। पिछले साल सर्वे में करीब 59 हजार बच्चे स्कूल से बाहर पाये गये थे। इस बार सरकार का संकल्प है, कोई भी बच्चा छूटे नहीं, हर आंगन में शिक्षा खिले। मुख्य लक्ष्य है, हर बच्चे का पुनः नामांकन और निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित करना। शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार ने कहा कि यह सर्वे केवल आंकड़े जुटाने का काम नहीं, यह सुनिश्चित करने की पहल है कि गरीबी या दूरी किसी बच्चे के सपनों के बीच न आये। फील्ड स्तर पर निगरानी को मजबूत किया गया है और हर दिन की प्रगति राज्य पोर्टल पर लाइव मॉनिटरिंग के तहत रहेगी।










