Kohramlive : “सड़क हादसों को लेकर भारत में हालात तभी सुधर सकते हैं जब इंसानी व्यवहार और समाज में बदलाव आयेगा और कानून के प्रति सम्मान होगा। जब कभी सड़क हादसों को लेकर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में चर्चा होती है तब मैं अपना मुंह छुपाने की कोशिश करता हूं। स्वीडन में सड़क हादसे नहीं के बराबर हैं और भी बहुत से देशों ने इसे कम किया है।” उन्होंने कहा कि मैं बहुत ट्रांसपेरेंट हूं, इसलिए बता रहा हूं कि जब मैंने सड़क परिवहन मंत्रालय का जिम्मा संभाला था, तो मैंने 2024 तक सड़क हादसों और इससे होने वाले मौतों को 50% कम करने का लक्ष्य रखा था पर ऐसा नहीं हो सका। उल्टे हादसे बढ़ गये, इसे स्वीकार करने में मुझे कोई शर्म नहीं। यह कहना है केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का। वे गुरुवार को लोकसभा में सड़क हादसों पर किये गये सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण सड़कों पर ट्रकों की पार्किंग है।
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