Kohramlive : देशभर में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड यानी नीला ड्रम केस में अदालत ने बुधवार को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत का फैसला सुनते ही मुस्कान हाथ जोड़कर रोने लगी, जबकि साहिल की आंखें भी नम हो गईं। सजा सुनाने से पहले अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दोनों दोषियों से पूछा कि क्या वे कुछ कहना चाहते हैं। दोनों ने जवाब दिया कि उन्हें कुछ नहीं कहना है। लंच के बाद दोबारा पेशी हुई और अदालत ने सजा सुनाई।
मुस्कान ने बेटियों के लिए लगाई गुहार
मुस्कान ने अदालत से अपनी दोनों बेटियों का ख्याल रखने की गुजारिश की। बचाव पक्ष की अधिवक्ता रेखा जैन ने भी बच्चियों के भविष्य और पालन-पोषण का हवाला देकर कम सजा देने की अपील की। जेल प्रशासन के मुताबिक, मुस्कान पिछले तीन-चार दिनों से अपनी करीब सात साल की बड़ी बेटी से मिलने की मांग कर रही थी, लेकिन बच्ची को जेल नहीं लाया गया। दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष ने हत्या की क्रूरता और शव छिपाने के तरीके को आधार बनाकर दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया।
ऐसे खुला था नीला ड्रम हत्याकांड
यहां याद दिला दें कि, 18 मार्च 2025 को सौरभ के भाई बबलू ने उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में मुस्कान और साहिल पर संदेह जताया गया। जांच के दौरान घर में रखे नीले ड्रम से सौरभ का शव बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ाई। पुलिस जांच के अनुसार, सौरभ की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े किये गये और सीमेंट की मदद से नीले ड्रम में छिपा दिया गया। आरोप है कि वारदात से पहले सौरभ को नशीली दवा दी गई थी। पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन, होटल के रजिस्टर, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामला तैयार किया। मामले में चश्मदीद गवाह नहीं था।
सौरभ हत्याकांड की अहम तारीखें
24 फरवरी 2025: सौरभ लंदन से मेरठ लौटा।
मार्च 2025: पुलिस जांच के अनुसार, इसी अवधि में हत्या हुई और शव छिपाया गया।
18 मार्च 2025: गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई।
19 मार्च 2025: नीले ड्रम से शव बरामद होने की जानकारी सामने आई।
12 मई 2025: पुलिस ने आरोप-पत्र दाखिल किया।
30 सितंबर 2026: अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया।
14 अक्टूबर 2026: दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई।






