Ranchi : देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती केवल बड़े उद्योगों और चमचमाती कंपनियों से तय नहीं होती। इसकी असली ताकत उस छोटे दुकानदार में भी बसती है, जो सुबह दुकान खोलकर परिवार का भविष्य संवारता है। उस कारीगर में भी है, जो अपने हुनर से रोजी-रोटी कमाता है। और उस छोटे उद्यमी में भी, जो सीमित पूंजी के सहारे बड़े सपने देखता है। इन्हीं कारोबारियों को राहत देने और व्यापार को आसान बनाने की दिशा में GST सुधारों को महत्वपूर्ण कदम बताते हुये भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने सरकार की नीतियों की सराहना की है। डॉ. वर्मा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का जोर ऐसी कर व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें ईमानदार कारोबारियों को अनावश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और जटिल अनुपालन के बोझ से राहत मिले। उनका मानना है कि छोटे व्यापारियों पर भरोसा बढ़ेगा, तो कारोबार का विस्तार होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
गिरफ्तारी के डर से राहत
डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने GST व्यवस्था में प्रक्रियागत राहत से जुड़े प्रस्तावों को छोटे कारोबारियों के लिये महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि कर व्यवस्था का उद्देश्य ईमानदार व्यापारियों को अनावश्यक भय में रखना नहीं, बल्कि उन्हें नियमों का पालन करते हुये कारोबार बढ़ाने का अवसर देना होना चाहिये। उन्होंने गिरफ्तारी संबंधी प्रावधानों, अभियोजन की सीमा और छोटे कर मामलों में नोटिस की प्रक्रिया को सरल बनाने से जुड़े प्रस्तावों को विश्वास आधारित कर व्यवस्था की दिशा में अहम कदम बताया। उनके मुताबिक, इससे छोटे कारोबारियों को मुकदमेबाजी की आशंका और प्रक्रियागत परेशानियों से राहत मिल सकती है। डॉ. वर्मा ने ₹5 करोड़ तक के वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों के लिये प्रस्तावित वार्षिक रिटर्न और तिमाही कर भुगतान की व्यवस्था को व्यावहारिक सुधार बताया। उनका कहना है कि प्रक्रियाएं सरल होने से कारोबारी अपना अधिक समय ग्राहकों, बिक्री और व्यवसाय के विस्तार में लगा सकेंगे।
गांव के हुनर को मिलेगा देशभर का बाजार
डिजिटल कारोबार के विस्तार को छोटे उद्यमियों के लिये बड़ा अवसर बताते हुये डॉ. वर्मा ने ई-कॉमर्स के माध्यम से अंतरराज्यीय व्यापार की सुविधा पर जोर दिया। इससे स्थानीय उत्पादकों, हस्तशिल्पियों और महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद दूसरे राज्यों तक पहुंचाने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। उनके अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म छोटे कारोबारियों को बड़े बाजार से जोड़ने का माध्यम बन सकते हैं। इससे गांवों और छोटे शहरों में तैयार होने वाले उत्पादों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है। डॉ. वर्मा ने पात्र GST रिफंड की प्रक्रिया में तेजी लाने और समय-सीमा घटाने जैसे प्रस्तावों को MSME क्षेत्र के लिये उपयोगी बताया। उनका कहना है कि कारोबारियों की पूंजी लंबे समय तक प्रक्रियाओं में फंसी नहीं रहेगी, तो उन्हें दैनिक जरूरतों और कारोबार के विस्तार के लिये बेहतर वित्तीय गुंजाइश मिलेगी।






