Godda : गोड्डा के ललमटिया थानेदार चंद्रशेखर सिंह पर फायरिंग मामले में अजीत हेंब्रम और पटवारी सोरेन को गिरफ्तार किया गया है। इनेक पास से एक लोडेड देसी कट्टा और 4 जिंदा गोलियां जब्त की गई है। महागामा SDPO ने मीडिया को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस को दिये अपने बयान में दोनों ने खुलासा किया कि थानेदार चंद्रशेखर सिंह अवैध खनन में रोड़ा बन रहे थे। इस वजह से उन्हें टारगेट किया गया था। बीते 12 अप्रैल को लौइंडिया गांव में फायरिंग की गई थी, जिसमें थानेदार बाल-बाल बच गये थे। वारदात के बाद गोड्डा पुलिस कप्तान ने महागामा SDPO की देखरेख में SIT गठित की। टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की और दोनों अपराधियों को धर लिया।
पुलिस की गिरफ्त में आये बदमाशों ने पुलिस को बताया कि बीते 5 मार्च को राजाभिट्टा थाना इलाके में हिलारियुस हांसदा को गोली मार दी गई थी। इसी मामले को लेकर ललमटिया थानेदार हमलावरों को दबोचने के लिए लगातार छापामारी कर रहे थे। छापोमारी से परेशान बदमाशों ने थानेदार को रास्ते से हटाने का खतरनाख प्लान बनाया। इसी दरम्यान उन्हें भनक लगी कि 12 अप्रैल को लौइंडिया रिडेब साईड में भागवत कथा होने वाला है, जिसमें थानेदार चंद्रशेखर सिंह पहुंचने वाले है। इसके बाद सेटलाल सोरेन थानेदार की रेकी में जुट गया। वहीं, दोनों संदेही गुनहगार थानेदार की इंतजार में बैठ गये। शाम में जब थाना प्रभारी पहुंचे, तभी अजीत हेम्ब्रम ने देसी कट्टा से थानेदार को टारगेट कर गोली चला दी। इसके बाद दोनों भाग निकलने में कामयाब रहे। गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ पुलिस फाइल में कई संगीन मामले दर्ज हैं।
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