Ranchi : SP बनने की चाह रखने वाले तीन सीनियर DSP के अरमानों को हाईकोर्ट के फैसले ने गहरी चोट दी है। उम्मीदों की उड़ान भर रहे इन अफसरों के प्रोन्नति के सपने पर फिलहाल विराम लग गया है। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिया है कि जब तक अगला आदेश न आ जाये, तब तक इन अधिकारियों को SP के पद पर प्रोन्नति न दी जाये। जस्टिस आनंद सेन की अदालत में जब इस मसले पर सुनवाई हुई, तो अधिवक्ताओं ने साफ तौर पर अदालत को बताया कि राज्य सरकार की ओर से भेजी गई प्रोन्नति सूची में गंभीर खामियां हैं।
कौन हैं वो तीन अधिकारी जिनका नाम विवादों में
प्रकरण तब और संगीन हो गया जब याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि जिन अधिकारियों को प्रमोशन देने की सिफारिश की गई है – शिवेंद्र, प्रेम राधा किशोर और मुकेश महतो, उन पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। यहां तक कि CBI ने उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है। बावजूद इसके, उनका नाम प्रमोशन लिस्ट में भेजा गया, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। अदालत ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुये झारखंड सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। वहीं, JPSC और UPSC को भी आदेश दिया गया है कि इस प्रोन्नति प्रक्रिया को तत्काल रोक दिया जाये। अब अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी, जब इस मामले में कोई अंतिम निर्णय आ सकता है।
अब सबकी निगाहें 28 अप्रैल पर
झारखंड पुलिस महकमे में यह फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर कोई इस फैसले पर अपनी नजरें टिकाए बैठा है। अब 28 अप्रैल को अदालत क्या फैसला सुनायेगी। अधिवक्ता आकाशदीप और विक्रम के हवाले से ये खबर मीडिया में खूब वायरल हो रही है।
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