Palamu : कभी-कभी एक छोटी-सी गुहार भी जिंदगी बदल देती है। पलामू के मेदिनीनगर की रहने वाली कृतिका ने न आंदोलन किया, न प्रदर्शन। वह सिर्फ अपनी भीगी कॉपी-किताबों का दर्द लेकर पलामू DC दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के जन समाधान कार्यक्रम में पहुंची थी। कोयल नदी की बाढ़ उसके घर के साथ पढ़ाई का सामान भी बहा ले गई थी। DC ने बच्ची की बात सिर्फ सुनी नहीं, बल्कि 24 घंटे के भीतर उसे कॉपी, किताब, स्कूल ड्रेस और नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा दी। गुरुवार को जब कृतिका को यह सामान मिला तो उसने मुस्कुराते हुये DC से हाथ मिलाया और कहा, “थैंक्यू DC सर।”
करीब 10 मिनट की बातचीत में DC ने उससे पूछा, “बड़ी होकर क्या बनना चाहती हो?” कृतिका का जवाब था—“DC बनना है।” यह सुनकर DC मुस्कुरा पड़े। उन्होंने कहा कि DC बनने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी और वादा किया कि पढ़ाई में हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने पहला लक्ष्य नवोदय विद्यालय में प्रवेश रखने की सलाह दी और कृतिका के घर प्रशासनिक टीम भेजकर बाढ़ से हुये नुकसान का आकलन कराने के निर्देश भी दिये। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की कृतिका की मां घरों में काम करती हैं, जबकि पिता बेरोजगार हैं। बाढ़ में घर का राशन, कॉपी और किताबें बह जाने के बाद पड़ोस की एक महिला ने उसे DC के पास जाने की सलाह दी थी। आज वही भरोसा कृतिका के लिए नई उम्मीद बन गया है।
5वीं क्लास में पढ़ाई करने वाली कृतिका मेरे पास आई थी. उस दौरान मैं चौंक गया था. बच्ची ने बताया था कि वह पढ़ाई करना चाहती है और उसे मदद की जरूरत है. वह आर्थिक रूप में कमजोर है, बच्ची ने मदद की गुहार लगाई थी, जिसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी को मामले में पहल करने का निर्देश दिया गया था. बच्ची को कॉपी-किताब और नवोदय की तैयारी के लिए पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाई गई है. मैं बच्ची के जज्बे को सलाम करता हूं, बच्ची की पढ़ाई में मदद की जाएगी: दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, डीसी








