Kohramlive : बांग्लादेश को नया राष्ट्रपति मिल गया है। सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने राष्ट्रपति चुनाव में सेवानिवृत्त कर्नल ओली अहमद को हराकर देश के 23वें राष्ट्रपति बनने का गौरव हासिल किया। 35 साल बाद हुये इस सीधे मुकाबले में आलमगीर ने 255 वोट हासिल किये, जबकि ओली अहमद को 88 वोट मिले। उन्होंने 167 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। यह चुनाव इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि 1991 के बाद पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए दो उम्मीदवार आमने-सामने थे। पिछले तीन दशकों में राष्ट्रपति का चुनाव अधिकतर आम सहमति या निर्विरोध होता रहा था। मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने आधिकारिक तौर पर परिणाम घोषित किया।राष्ट्रपति पद का चुनाव पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद कराया गया। संविधान के अनुसार पद खाली होने के 90 दिनों के भीतर नया राष्ट्रपति चुना जाना अनिवार्य है। कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में संसद अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
कौन है मिर्जा फखरुल इस्लाम
78 वर्षीय मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बांग्लादेश की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत करने वाले आलमगीर बीएनपी के लंबे समय तक महासचिव रहे और कृषि, नागरिक उड्डयन व पर्यटन जैसे विभागों में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। कल यानी शुक्रवार शाम ढाका स्थित बंगभवन में शपथ लेने के बाद वह औपचारिक रूप से राष्ट्रपति पद संभालेंगे। बांग्लादेश की संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति राष्ट्राध्यक्ष होते हैं। उनके पास प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति सहित कुछ संवैधानिक अधिकार हैं, हालांकि अधिकांश निर्णय प्रधानमंत्री की सलाह पर लिए जाते हैं।








