Chouparan(Krishna Paswan) : हजारीबाग के चौपारण के चोरदाहा पंचायत के दनुआ गांव में इन दिनों एक बंदर ने ऐसा आतंक मचा रखा है कि गांव की रफ्तार थम सी गई है। हालात ये हैं कि बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं और अभिभावक अपने कलेजे के टुकड़ों को घर में ही सुरक्षित रखना बेहतर समझ रहे हैं। गांव के उत्क्रमित +2 उच्च विद्यालय तक पहुंचने वाले रास्तों और स्कूल परिसर में बंदर की लगातार मौजूदगी से छात्र-छात्रायें खौफ में हैं। अब तक कई ग्रामीण और छात्र बंदर के हमले में घायल हो चुके हैं। अचानक हमला, काटने की कोशिश और पीछा करना—बंदर की हरकतें डर और खतरे दोनों बढ़ा रही हैं। डरे-सहमे अभिभावकों ने मजबूरी में अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। उनका कहना है कि पढ़ाई जरूरी है, लेकिन जान उससे भी ज्यादा कीमती है। गांव में स्कूल तो खुला है, मगर कक्षायें सूनी नजर आ रही हैं।
वन विभाग पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा नाराजगी वन विभाग को लेकर है। ग्रामीणों का इल्जाम है कि कई बार सूचना देने के बावजूद फोन तक नहीं उठाये जा रहे। न कोई अधिकारी गांव पहुंचा, न ही बंदर को पकड़ने की कोई कोशिश हुई।ग्रामीणों का साफ कहना है कि “अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।”






