Bihar : बिहार के गया सर्किट हाउस में बुधवार दोपहर अचानक AC में जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते कमरा नंबर-3 आग और धुएं से भर गया। कुछ ही दूरी पर विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार अपनी पत्नी के साथ ठहरे थे। लेकिन किस्मत देखिए, जिस कमरे में उन्हें ठहरना था, उन्होंने अपनी पसंद से उसे बदल लिया था। यही फैसला उनके लिये राहत की वजह बन गया। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। यह घटना बुधवार दोपहर करीब दो बजे की है। गया सर्किट हाउस के कमरा नंबर-3 में अचानक AC में धमाका हुआ। इसके बाद कमरे में आग लग गई और चारों तरफ धुआं फैलने लगा। सर्किट हाउस परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। मौके पर पुलिस और दमकल की टीम पहुंची। दमकल की तीन गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
कमरा बदला, तो टल गया बड़ा खतरा!
इस घटना का सबसे अहम पहलू विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार से जुड़ा है। वह अपनी पत्नी के साथ गया में पूजा-पाठ के लिये आये थे। प्रशासन ने उन्हें पहले कमरा नंबर-3 आवंटित किया था, लेकिन साफ-सफाई बेहतर होने के कारण उन्होंने कमरा नंबर-2 चुन लिया। फिर कमरा नंबर-3 में एसी ब्लास्ट हो गया। मनोज कुमार ने मीडिया को बताया कि पहले उन्हें लगा कि धमाके की आवाज बाहर से आई है। लेकिन चार-पांच मिनट बाद जलने की गंध और आवाज महसूस हुई। दरवाजा खोलकर देखा, तो कमरे के बाहर धुआं भरा था। इसके बाद उन्हें और उनकी पत्नी को सीढ़ियों के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा, “मुझे तीन नंबर कमरा मिला था, लेकिन दो नंबर कमरे में साफ-सफाई अच्छी थी, इसलिये मैं वहां शिफ्ट हो गया। सब ऊपर वाले की कृपा है। हमें कोई नुकसान नहीं हुआ।” हादसे के समय बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी सर्किट हाउस में ठहरे हुये थे। घटना की जानकारी मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मनोज कुमार से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। विधानसभा अध्यक्ष ने घटना पर चिंता जताते हुये कहा कि सर्किट हाउस में न्यायाधीश और राज्यपाल जैसे विशिष्ट अतिथि भी ठहरते हैं। ऐसे में एसी में इस तरह का धमाका गंभीर मामला है। उन्होंने जिला प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को ध्यान में रखते हुये उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।








