Garhwa(Nityanand Dubey) : वर्दी सिर्फ एक पोशाक नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा का संकल्प है। इस वर्दी की आन-बान और शान के लिये कई जवानों ने अपना आज कुर्बान कर दिया, ताकि देश का कल सुरक्षित रह सके। उन्हीं वीर सपूतों की शहादत को याद कर बुधवार को गढ़वा पुलिस केंद्र में श्रद्धा और सम्मान का माहौल दिखा। पुलिस संस्मरण दिवस पर शहीद जवानों को नमन किया गया और उनके परिजनों को सम्मानित कर उनके बलिदान के प्रति कृतज्ञता जताई गई। कार्यक्रम के दौरान शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। जवानों ने सशस्त्र सलामी दी और दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक ने की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने शहीदों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण को याद करते हुये उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
शहीदों के परिजनों का सम्मान, बलिदान को किया याद
शहादत की कीमत शब्दों में नहीं आंकी जा सकती। इसके पीछे किसी मां की ममता, किसी पत्नी का इंतजार और बच्चों की अधूरी उम्मीदें भी जुड़ी होती हैं। इसी भावना के साथ शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को शॉल और अन्य उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन परिवारों के प्रति आभार जताने का प्रतीक बना, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोने का दर्द सहते हुये भी उनके बलिदान को देश की सेवा से जोड़कर देखा। यहां याद दिला दें कि पुलिस संस्मरण दिवस उन वीर पुलिसकर्मियों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुये अपने प्राण न्योछावर कर दिये। यह दिन पुलिस बल को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने और समाज की सुरक्षा के लिये पूरी निष्ठा से काम करने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में DSP मुख्यालय यशोधरा, SDPO दिल्लू लोहरा, थानेदार सुनील कुमार तिवारी, पुलिस निरीक्षक सह सीसीआर प्रभारी संतोष कुमार, परिचारी प्रवर संदीप कुमार, पंकज कुमार भारती, सतपाल सिंह सहित कई पुलिस पदाधिकारी और जवान उपस्थित रहे।








