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टेनिस स्‍टार सानिया ने की संन्यास की औपचारिक घोषणा…देखें

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Kohramlive Desk : 36 साल की इंडिया की स्‍टार महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने संन्यास की औपचारिक घोषणा कर दी है। ऑस्ट्रेलियन ओपन खेलने पहुंचीं सानिया ने कहा है, इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन और फरवरी में दुबई ओपन के बाद वह टेनिस को अलविदा कहेंगी। मतलब साफ है कि ये दो टूर्नामेंट उनका आखिरी टूर्नामेंट होगा। बता दें कि सानिया ने संन्यास को लेकर बात पहले ही डब्ल्यूटीए टेनिस.कॉम से की थी। उन्होंने ट्विटर पर तीन पेज का नोट लिखा है। बताया कि ऑस्ट्रेलियन ओपन और दुबई ओपन उनका आखिरी टूर्नामेंट होगा।

नोट में बताई अपने सफर और संघर्ष की दास्‍तां

बता दें कि यूएस ओपन में चोट की वजह से नहीं खेलने के बाद सानिया ने उस वक्त संन्यास नहीं लेने की घोषणा की थी। अपने नोट में सानिया ने टेनिस में अपने सफर और संघर्ष के बारे में बताया है। लिखा- 30 साल पहले हैदराबाद की एक 6 साल की लड़की निजाम क्लब के टेनिस कोर्ट पर पहली बार अपनी मां के साथ गई और कोच ने बताया कि टेनिस कैसे खेलते हैं। कोच को लगा था कि टेनिस सीखने के लिए मैं बहुत छोटी हूं। मेरे सपनों की लड़ाई 6 साल की उम्र में ही शुरू हुई। मेरे माता-पिता और बहन, मेरा परिवार, मेरे कोच, फिजियो समेत पूरी टीम के समर्थन के बिना यह संभव नहीं था, जो अच्छे और बुरे समय में मेरे साथ खड़े रहे। मैं उनमें से हर एक के साथ अपनी हंसी, आंसू, दर्द और खुशी साझा की है। उसके लिए मैं सभी का धन्यवाद देना चाहती हूं। आप सभी ने जीवन के सबसे कठिन दौर में मेरी मदद की है। आपने हैदराबाद की इस छोटी सी लड़की को न केवल सपना देखने की हिम्मत दी, बल्कि उन सपनों को हासिल करने में भी मदद की। आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया।

ऑस्ट्रेलियन ओपन के रूप में आखिरी ग्रैंडस्लैम खेलेंगी सानिया

36 वर्षीय इस महीने कजाकिस्तान की एना डेनिलिना के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन में महिला डबल्स में खेलेंगी, जो किसी भी ग्रैंड स्लैम में उनकी आखिरी उपस्थिति होगी। कोहनी की चोट के कारण पिछले साल यूएस ओपन में वह नहीं खेल पाई थीं। अन्य फिटनेस समस्याओं ने भी उन्हें हाल के दिनों में परेशान किया है।

 डबल्स में भारतीय टेनिस की स्टार रहीं सानिया

सानिया मिर्जा एक ऐसी पीढ़ी में भारतीय टेनिस की चमकती रोशनी में से एक रही हैं, जिन्हें डबल्स सर्किट के बाहर ज्यादा सफलता नहीं मिली। छह ग्रैंड स्लैम जीतने और विश्व नंबर एक डबल्स खिलाड़ी बनने से पहले, उनका एक उल्लेखनीय सिंगल्स करियर भी था, जो विश्व नंबर 27 की करियर बेस्ट रैंकिंग तक पहुंच गया वह 2005 में यूएस ओपन के चौथे राउंड तक पहुंची थीं।

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