Patna : बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने दावा किया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है। तेज प्रताप ने इस मामले को गंभीर बताते हुये पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और डिप्टी CM सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी से सुरक्षा बढ़ाने की गुहार लगाई है। तेज प्रताप यादव का इल्जाम है कि यह धमकी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता संतोष रेणु यादव ने दी है। शिकायत में कहा गया है कि संतोष रेणु यादव ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुलेआम धमकी भी दी। मामले को लेकर पटना के सचिवालय थाना में FIR दर्ज कर ली गई है। तेज प्रताप ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा है कि उनकी जान को वास्तविक खतरा है और किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति पर होगी।
‘पार्टी की विचारधारा से भटक गये थे’
तेज प्रताप यादव ने शिकायत में बताया कि उन्होंने खुद संतोष रेणु यादव को पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया था, लेकिन बाद में वे पार्टी लाइन से हटकर काम करने लगे। आरोप है कि रेणु यादव ने नौकरी दिलाने और लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूले। पार्टी स्तर पर समझाने के प्रयास किये गये, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। आखिरकार अनुशासनात्मक समिति ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। तेज प्रताप का कहना है कि पार्टी से निकाले जाने के बाद संतोष रेणु यादव ने फेसबुक और यूट्यूब पर मर्यादा लांघते हुये बयानबाजी की और धमकी दी।
रेणु यादव का पलटवार
वहीं संतोष रेणु यादव ने सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा बताते हुये कहा है कि उन्होंने संगठन के भीतर सवाल उठाये, इसी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। रेणु का आरोप है कि तेज प्रताप और तेजस्वी यादव नये और उभरते नेताओं को आगे नहीं बढ़ने देते। गौरतलब है कि राजद और परिवार से अलग होने के बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) बनाई है। बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने 43 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, खुद महुआ सीट से मैदान में उतरे, लेकिन पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली।




