Ranchi : किशोर-किशोरियों की आबादी का पांचवा हिस्सा है। यह देश के सामाजिक और आर्थिक भाग्य को बदल सकते है। किशोरवास्था से संबंधित बहुत सारी समस्याओं का निराकरण अच्छे मार्गदर्शन, परामर्श और काउंसिलिंग से किया जा सकता है। किशोरावस्था में होने वाले बदलावों की बातें कर उन्हें पॉजेटिव तरीके से जागरुक करें। यह कहना है राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉक्टर लाल मांझी का। मौका था राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) के बैनर तले आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का। यह कार्यक्रम रांची से सटे नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान के सभागार में हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की हैसियत से मौजूद डॉ लाल मांझी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किशोर-किशोरियों को स्वस्थ जीवनशैली के लिये प्रोत्साहित करना है। उनके पोषण स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार करना, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य हेतु जागरूक करना, मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, मादक पदार्थों की रोकथाम हेतु उन्हें जागरुक करना जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। कार्यक्रम में RKSK की राज्य समन्वयक रफत फरजाना ने भी प्रशिक्षणार्थियों को जरूरी जानकारी दी।
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