Ranchi (Jyoti Chauhan) : कोरोना महामारी में जहां लोग अपनों का साथ छोड़ दे रहे हैं। कोई अस्पताल में छोड़कर भाग जा रहा है तो कोई घर से बाहर कर दे रहा है। लोग एक-दूसरे से दूर भाग रहे हैं। वहीं कुछ लोग देवदूत बनकर लोगों की सेवा में भी जुटे हैं। ये अपने और अपनी परिवार की चिंता किए बगैर लोगों की मदद में नि:स्वार्थ जुटे हैं। टीम प्रचंड के लोग भी इस बीमारी को झेल रहे मरीज़ औऱ उनके परेशान घर वालों के लिए देवदूत बनकर ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलर बेड, बेड, दवाइयां, प्लाज़्मा की व्यवस्था में लगे हैं।
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इसमें आरव शुक्ला एक ऐसा नाम जिसने देशभर में मदद करने के लिए टीम प्रचंड का निर्माण किया। देश के कई राज्यों से सदस्यों को जोड़ा औऱ धरातल पर काम करके लोगों के प्रिय हुए जा रहे हैं।

पंडित आकाश पाण्डेय संस्था के संस्थापक हैं। इनकी एक आवाज़ से सैकड़ों युवाओं खड़े होकर जरूरतमंद तक पहुंच रहें हैं।
संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष अभिनव तिवारी सभी साथियों को एक सूत्र में बांधकर सच्ची निष्ठा से निःस्वार्थ सेवा पहुंचाने में लगे हैं।
“ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, बेड से लेकर खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध करवा रहे हैं। रांची सहित पूरे राज्य में इस संस्था ने कई संस्थाओं से जुड़कर हर जगह मदद पहुंचाने का काम किया और अब भी कर रहे हैं।
कहते हैं टीम प्रचंड के
आरव शुक्ला (सह संस्थापक) : “अगर हमारी एक छोटी सी पहल से किसी की जान बच गए तो ये एक यज्ञ के बराबर होता है, ये सब करके अच्छा लगता है।
पंडित आकाश पाण्डेय (संस्थापक) : “सामाजिक कार्य तो बहुत दिनों से करते आ रहे हैं, लेकिन इस महामारी में जिस तरह लोगों को खो रहा हूं, बस वही जान लगाने की जुगत में लग जाता हूं, ताकि अधिक से अधिक लोगों की हिफाजत किया जा सके। लोगों की मदद करके अच्छा लगता है।
अभिनव तिवारी (कार्यकारिणी अध्यक्ष) : “हिम्मत है, हौसला है, जज़्बा है जुनून है। क्योंकि सारे भारतीय अपने हैं किसी को खोना नहीं चाहता।
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