कोहराम लाइव डेस्क : व्रत की महिमा हिन्दू आस्था में अपार है। व्रत चाहे तीज का हो या महाशिवरात्रि का, इस दौरान हर किसी को अपनी सेहत का भी ध्यान रखना जरूरी है। जीवन के लिए धार्मिक रूप से यदि आस्था महत्वपूर्ण है, तो वैज्ञानिक रूप से सेहत का महत्व भी सर्वोपरि है। सेहत का ध्यान नहीं रखने पर आस्था पालन के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि व्रत के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखा जाए। इससे न थकान होगी, कमजोरी की स्थिति उत्पन्न होगी।
इसे भी पढ़ें :न फेंकें प्याज के छिलके, कई पोषक तत्वों से हैं भरपूर, जानिए फायदे
मोबाइल-टीवी से रहें दूर
व्रत के दौरान आंखों को आराम देने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल कम से कम करें। इससे आंखें थकेंगी नहीं। आंखों को आराम न देने पर शरीर में कमजोरी आने लगती है। हर पल नींद भी महसूस होगी।
नकारात्मक सोच से रहें दूर
स्वयं को विश्वास दिलाना जरूरी है कि व्रत का उद्देश्य जीवन में सकारात्मकता ऊर्जा का संचयन है। मतलब व्रत के दौरान कुछ भी नकारात्मक न सोचें। मन को हर पल शांत रखें। सच्चे मन से प्रार्थना करें।
इसे भी पढ़ें :दिल की सेहत को संतुलित रखता है बाजरे का आटा, जानें अन्य खासियत
अधिक पानी का करें इस्तेमाल
पानी ही जिंदगानी है। शरीर में पानी की कमी के कारण जैव क्रिया यानी मेटाबॉलिक एक्टिविटीज पर सीधे असर पड़ता है। अत: व्रत के समय कम से कम आठ गिलास पानी पीना चाहिए। इससे टॉक्सिंस बाहर निकलेंगे और शरीर डिटॉक्स हो सकेगा।
न करें कड़ा या भारी शारीरिक परिश्रम
फास्टिंग पीरियड में कड़ा अथवा भारी शरीरिक परिश्रम से बचना चाहिए। इससे मेटाबॉलिक रेट बढ़ जाता है, जिसके लिए अधिक एनर्जी की जरूरत पड़ती है। ऐसा करने पर भूख, प्यास या अधिक थकान महसूस होने लगती है। इस दौरान सामान्य या हल्के कार्य करने के साथ भजन और आध्यात्कि संगीत सुनना मन को शांत रखता है।
इसे भी पढ़ें :कॉफी फेशियल से पाएं चेहरे पर इंस्टेंट ग्लो, जानें क्या है सही तरीका…














