Ranchi : झारखंड की वरिष्ठ IAS अधिकारी पूजा सिंघल को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने PMLA मामले में निचली अदालत के उस आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया, जिसमें उनके खिलाफ मामले का संज्ञान लिया गया था। हालांकि, कोर्ट ने अभियोजन मंजूरी के मुद्दे पर अभी अंतिम फैसला नहीं दिया है। पीठ ने कहा कि इस सवाल पर ट्रायल के दौरान सामने आने वाले सबूतों के आधार पर फैसला किया जायेगा। पूजा सिंघल की ओर से कहा गया कि लोक सेवक के खिलाफ मुकदमा चलाने से पहले CrPC की धारा 197 के तहत मंजूरी जरूरी थी। ED ने इस दलील का विरोध किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले में 19 करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी बरामद होने का भी जिक्र किया। ED ने मनरेगा से जुड़े कथित घोटाले की जांच के दौरान मई 2022 में पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी की थी। 11 मई 2022 को उनकी गिरफ्तारी हुई थी। बाद में उन्हें जमानत मिल गयी। झारखंड हाईकोर्ट भी उनकी याचिका खारिज कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद PMLA मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी, जबकि अभियोजन मंजूरी का मुद्दा बाद में तय होगा।





