Kohramlive Desk : भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को Supreme Court ने अदालत की अवमानना के मामले में 4 माह की जेल और दो हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है। जस्टिस यू यू ललित की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने ये फैसला सुनाया है। इससे पहले 10 मार्च को अदालत ने माल्या की सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
9 मई 2017 कोर्ट ने पाया था अवमानना का दोषी
इससे पहले 9 मई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को कोर्ट की अवमानना का दोषी माना था क्योंकि उन्होंने संपत्ति का पूरा ब्योरा नहीं दिया था। कोर्ट ने 10 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। दरअसल 9 अप्रैल 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या के खिलाफ अदालत की अवमानना और डिएगो डील से माल्या को मिले 40 मिलियन यूएस डॉलर पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था। दरअसल, बैंकों ने मांग की थी कि 40 मिलियन यूएस डॉलर जो डिएगो डील से मिले थे, उनको सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा कराया जाए।
SBI के 9200 करोड़ बकाया
SBI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि माल्या पर 9200 करोड़ रुपये का बकाया है। बैकों ने कहा- माल्या की याचिका पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वह बार-बार कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं। विजय माल्या ने कोर्ट में कहा था कि उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वे 9200 करोड़ रुपये बैंक के कर्ज़ को अदा कर पाएं, क्योंकि उनकी सभी संपत्तियों को पहले ही जब्त कर लिया गया है।
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