नई दिल्ली : Supreme Court ने पारिवारिक मामले में मुआवजा भत्ता पर फैसला सुनाया है। यह फैसला है पति द्वारा पति को रखरखाव भत्ता देने के संबंध में। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रखरखाव भत्ता तय करते समय, अदालतों को यह देखना होगा कि मुआवजा उचित है या नहीं।
Supreme Court ने कहा, मुआवजा भत्ता जरूरत से ज्यादा नहीं हो
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुआवजा इतना नहीं होना चाहिए कि पति गरीबी के संकट में फंस जाए और शादी की सफलता उसके लिए सजा बन जाए। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस प्रवृत्ति को देखा गया है कि पत्नियां हमेशा अपने खर्चों और जरूरतों को बढ़ा-चढ़ा कर बताती हैं।
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कोर्ट ने कहा, पति भी छुपाते हैं आय
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और सुभाष रेड्डी की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मुआवजा भत्ता बहुत ज्यादा नहीं होना चाहिए। पत्नियों पर टिप्पणी करने के अलावा, अदालत ने पतियों पर भी टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह देखा गया है कि पति केवल अपनी आय का खुलासा करता है ताकि उसे भी कम से कम राशि का भुगतान करना पड़े।
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