Kohramlive : चतरा-पलामू की धरती पर झारखंड के ऊर्जा इतिहास में नया अध्याय दर्ज हो गया है। Patratu Vidyut Utpadan Nigam Limited (PVUNL) ने अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना की यूनिट-1 का 72 घंटे का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि से राज्य की बिजली आपूर्ति मजबूत होगी, वहीं, औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। यह वही परियोजना है जिसकी आधारशिला 2018 में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रखी थी। इस यूनिट में अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक, ड्राई ऐश यूटिलाइजेशन सिस्टम और एयर-कूल्ड कंडेंसर जैसी अत्याधुनिक प्रणालियां लगाई गई हैं, जो उच्च उत्पादन क्षमता के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सुनिश्चित करेंगी।
PVUNL के CEO एके सहगल ने कहा, परियोजना झारखंड की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता का 85 प्रतिशत उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यूनिट-1 का सफल ट्रायल शेष चरणों के कार्य को गति देगा।” पूरा प्लांट चालू होने पर कुल 2400 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इससे घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को भरोसेमंद और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल राज्य में निवेश और रोजगार के नये अवसर खोलेगी, बल्कि झारखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यूनिट-1 का यह ट्रायल तकनीकी उपलब्धि के साथ-साथ राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।








