Kohramlive : हर बच्चा एक अनोखी किताब है, जिसकी हर पन्ने पर अलग-अलग रंग और भावनायें लिखी होती हैं। कुछ बच्चे बेहद शांत होते हैं, तो कुछ छोटी-सी बात पर गुस्सा कर बैठते हैं, जिद पकड़ लेते हैं और माता-पिता को असमंजस में डाल देते हैं। ऐसे में डांट-फटकार से हालात बिगड़ते हैं, लेकिन प्यार और समझदारी से चीजें संभाली जा सकती हैं।
संयम सबसे बड़ा हथियारः बच्चा जब जिद पर अड़ जाये, तब गुस्सा करने से नहीं बल्कि शांत रहकर समझाने से असर होता है। आपका संयम ही उसे सिखायेगा कि हर मांग पूरी नहीं होती। “तुमसे कुछ नहीं होगा” जैसी बातें बच्चे के दिल को चोट पहुंचाती हैं। हमेशा सकारात्मक शब्द बोलें, जिससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़े।
ध्यान से सुनें उनकी बातः कई बार बच्चे सिर्फ सुने जाना चाहते हैं। जब भी बच्चा कुछ कहना चाहे, अपना काम रोककर उसकी बात पूरी तसल्ली से सुनें। यह उन्हें यह एहसास कराता है कि वे महत्त्वपूर्ण हैं।
आदेश नहीं, विकल्प देंः आदेश बच्चे को विद्रोही बना सकता है। “यह करो” की जगह “तुम्हें यह करना है या यह?” पूछें। इससे उन्हें लगेगा कि वे खुद फैसला ले रहे हैं और वे सहजता से आपकी बात मानेंगे।
रूटीन का जादूः अनुशासन के लिए दिनचर्या बेहद अहम है। पढ़ाई, खेल, भोजन, नींद सबके लिये समय तय करें। धीरे-धीरे यह उनकी आदत में शामिल हो जायेगा।












