Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा नगर भवन की चौखट पर आज सुबह कुछ अलग-सा उजाला था। जैसे उम्मीद ने खुद दीप जलाया हो और उसमें ज़िले की सेहत सुधारने का सपना टिमटिमा रहा हो। गढ़वा के DC दिनेश यादव की अध्यक्षता में दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुये इस कार्यक्रम में SDO रंका रुद्र प्रताप, सिविल सर्जन डॉ. जे.एफ. कैनेडी और जिले के अनेक स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे। DC साफ कहा कि इलाज वही करेगा जो योग्य और प्रमाणित है।हर अस्पताल-क्लिनिक में डॉक्टर का नाम, ड्यूटी चार्ट, हेल्पलाइन नंबर साफ़-साफ लिखा हो। जहां पंजीकरण नहीं है, वहां तुरंत होगा, वरना कार्रवाई तय है।अस्पताल बिल्डिंग अब किताबों के हिसाब से नहीं, बायोलॉज के मानकों से बनेगी, पार्किंग, फायर सेफ्टी और सभी ज़रूरी सुविधाओं के साथ।
गर्भ का लिंग नहीं बताया जायेगा
DC दिनेश यादव ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों को लेकर भी सख्त निर्देश दिये, उन्होंने डॉक्टर का नाम, नंबर और फोटो जरूरी बताया। “यहां लिंग परीक्षण नहीं होता है” का बोर्ड हर हाल में लगा रहे। लाइसेंस नवीनीकरण में देरी होने पर कार्रवाई होगी। दो नोटिस के बाद नियम उल्लंघन वाले केंद्र सील होंगे। सिविल सर्जने डॉ. कैनेडी ने साफ कहा कि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का मकसद एक ही है, देश में हर अस्पताल एक समान न्यूनतम मानकों पर खरा उतरे। गांव के प्रैक्टिशनरों को सही जानकारी मिले, और सेवा में ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं बचे। चिकित्सकों से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं तक हर किसी ने अपनी बात रखी। DC ने तुरंत सिविल सर्जन को आदेश दिया कि अवैध अस्पतालों और फर्जी डॉक्टरों की तुरंत जांच हो। इसके लिए नया इंस्पेक्शन फॉर्मेट तैयार कर टीम को सौंपा जाये।






