Ranchi : ”पान, बीड़ी, खैनी, सिगरेट और गुटखा सेहत के लिये घातक है। इसके सेवन से मुंह में कैंसर होने का डर बना रहता है, वहीं तंबाकू के सेवन से शरीर अंदर-अंदर ही खोखला होते चला जाता है। फेफड़ा एवं लीवर भी गड़बड़ाने लगता है। याददाश्त कमजोर होने लगती है। हीमोग्लोबिन कम हो जाता है। नसों में झनझनाहट शुरू हो जाती है। आगे जाकर शरीर पर इसका प्रतिकूल असर पड़ने लगता है।” यह कहना है BAU के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ उमा शंकर वर्मा का। मौका था तंबाकू निषेध दिवस का।
रांची के कचहरी चौक स्थित यूएस पॉलीक्लिनिक में आयोजित विशेष शिविर में डॉ वर्मा ने कहा कि तंबाकू निषेध दिवस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 31 मई 1987 के दिन प्रस्ताव पारित किया, वहीं 1988 से पूरी दुनिया में यह दिवस को मनाना शुरू हुआ। तंबाकू के सेवन से करीब 10 परसेंट कैंसर की रोगियों की संख्या बढ़ गई। वहीं, दुनिया में करीब 80 लाख लोगों की मौत हो जाती है। डॉ वर्मा ने कहा कि किसी भी सूरत में तंबाकू का सेवन अच्छा नहीं है। इससे लोगों को दूर हो जाना चाहिये। तंबाकू सेवन से होने वाले घातक परिणामों के प्रति लोगों को जगाना ही इस दिवस का मकसद है। आज के शिविर में कुल 68 रोगियों का इलाज कर उन्हें तंबाकू छोड़ने के उपाय बताये गये। शिविर को सफल बनाने में डॉ प्रेम प्रकाश राजू, डॉ मनोज कुमार वर्मा, डॉ गीता, डॉ सुचित्रा, उदय साहू, उर्मिला एक्का, अनीता सुरीन एवं किशोर सराहनीय भूमिका रही। सुनें क्या बोले डॉ उमा शंकर वर्मा…
इसे भी पढ़ें :स्ट्रांग रूम के अंदर-बाहर कड़ा पहरा, थ्री लेयर सिक्योरिटी… जानें
इसे भी पढ़ें :तेजस्वी यादव ने BJP पर बोला हमला… जानें क्या
इसे भी पढ़ें :डूबने से दो मासूमों के निकल गये प्राण… जानें
इसे भी पढ़ें :ड्यूटी के दौरान दारोगा की मौ*त…
इसे भी पढ़ें :सुनीता केजरीवाल की बढ़ सकती है मुसीबत… जानें कैसे














