Garhwa(Nityanand Dubey) : विश्व एड्स दिवस के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश–सह–अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) गढ़वा मनोज प्रसाद एवं सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय चिकित्सकों के सहयोग से जिला अस्पताल परिसर में विशेष जागरूकता एवं कानूनी सहायता अभियान आयोजित किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य एड्स के प्रति वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार और HIV प्रभावित व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत बनाना था।
सही जानकारी ही सुरक्षा की पहली ढाल
अभियान में मौजूद वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जिया उल हक ने लोगों को सुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई–सीरिंज के उपयोग से बचाव तथा मां से बच्चे में HIV संक्रमण की रोकथाम, जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समय पर HIV टेस्टिंग की अनिवार्यता पर भी जोर दिया। डॉ. सुशील कुमार रमन ने एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) की उपलब्धता और महत्व बताते हुये कहा कि यह थेरेपी HIV पॉजिटिव व्यक्तियों को लंबा और स्वस्थ जीवन जीने में सहायक है। वहीं डॉ. प्रशांत प्रमोद, डॉ. अनुप्रिया और डॉ. सत्येंद्र ने भी उपस्थित लोगों को एड्स के लक्षण, बचाव और आधुनिक चिकित्सा विकल्पों से अवगत कराया। अभियान में DLSA के पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) रविंद्र कुमार पाठक ने लोगों को HIV /एड्स (निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि यह कानून नौकरी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आवास किसी भी क्षेत्र में HIV पॉजिटिव व्यक्ति के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भेदभाव को सख्ती से प्रतिबंधित करता है। रविंद्र कुमार पाठक ने एचआईवी प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया कि आवश्यकता पड़ने पर DLSA द्वारा निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जायेगी।






