Kohramlive : देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जहां मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक औपचारिक प्रक्रिया भर है, वहीं पश्चिम बंगाल में यह एक मानवीय मुद्दा बन चुका है। एशिया का सबसे बड़ा रेड-लाइट इलाका कोलकाता के सोनागाछी में यह अभियान उन जिंदगियों को छू रहा है, जो अक्सर प्रशासनिक फाइलों में नजरअंदाज कर दी जाती हैं। सोनागाछी में 9 दिसम्बर को यौनकर्मियों के लिये खास मतदाता शिविर लगाया जायेगा,
चुनाव आयोग की टीम 166-श्यामपुकुर क्षेत्र के वार्डों में जायेगी, महिलाओं से सीधे संपर्क करेगी, उनकी समस्यायें सुनेगी
और फॉर्म भरने की हर दिक्कत दूर करेगी।
खबर है कि कई यौनकर्मियां फॉर्म भरने की प्रक्रिया से उलझ रहीं थीं, नियम समझ नहीं आते, दस्तावेजों को लेकर डर और गलतियों के कारण नाम छूट जाने की चिंता। नागरिक संगठन ‘हमरा पदातिक’ ने मीडिया को बताया कि कालीघाट और किडरपोर की महिलाओं में उलझन इतनी बढ़ गई थी कि कुछ महिलायें इलाका छोड़ने तक को मजबूर हो गईं। 21 नवंबर को तीन सामाजिक संगठनों ने मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) को मेल लिखकर स्थिति की गंभीरता बताई। उसके बाद CEO कार्यालय ने भरोसा दिलाया कि “किसी भी महिला को मताधिकार से वंचित नहीं किया जायेगा।”
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