Bihar : बिहार की माटी आज खुशियों के गीत गा रही थी। गांधी मैदान में इकट्ठा हजारों चेहरे उम्मीदों से दमक रहे थे — किसी की आंखों में अपने गांव के बच्चों को पढ़ाने का सपना था, तो कोई अपने माता-पिता की आंखों में गर्व के आंसू देखने के ख्वाब लिए खड़ा था। CM नीतीश कुमार ने जब मंच पर कदम रखा, तो वहां खड़े 51,389 नवनियुक्त शिक्षकों की धड़कनें जैसे तेज हो गईं। मंच से उनकी आवाज गूंजी — “आप ही बिहार के भविष्य के निर्माणकर्ता हैं। बच्चों के सपनों को आप अपने ज्ञान से सींचेंगे, उन्हें आगे बढ़ायेंगे।”
नूतन कुमारी, आरती कुमारी, खुशबू कुमारी, आनंद… ये नाम अब महज नाम नहीं थे, ये बिहार की शिक्षा के नये सूरज थे, जो अपने ज्ञान के प्रकाश से गांव-गांव में उजाला फैलाने को तैयार थे। CM ने जब सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे, तो शिक्षकों की आंखों में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। CM ने याद दिलाया कि यह सफर आसान नहीं था। पिछले साल से अब तक कुल 2,68,548 शिक्षक नियुक्त हो चुके थे। आज 51,389 शिक्षक उस कड़ी में जुड़े थे, जो बिहार के शिक्षा की तस्वीर बदलने निकले थे। CM की आवाज गर्व से भर उठी जब उन्होंने कहा — “बीपीएससी परीक्षा में 42,918 हेडमास्टर भी सफल हुये हैं, जिन्हें अगले महीने नियुक्त किया जायेगा।” CM नीतीश कुमार ने उन शिक्षकों का भी जिक्र किया, जिन्हें नियोजित शिक्षक से राज्य कर्मी का दर्जा देकर सम्मानित किया गया। करीब 28 हजार शिक्षक BPSC परीक्षा में सफलता पाकर अब सरकारी शिक्षक बन चुके थे, और सैकड़ों अन्य शिक्षक भी जल्द ही इस सफलता की सीढ़ी चढ़ने वाले थे।
महिलाओं की शिक्षा पर बात करते हुये CM के शब्दों में खास गर्मजोशी थी। उन्होंने गर्व से बताया कि लड़कियों के लिये पोशाक योजना, साइकिल योजना और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना जैसी योजनाओं से समाज में बदलाव की नई लहर आई है। “पहले 12वीं पास लड़कियों को 10 हजार रुपये दिये जाते थे, अब 25 हजार रुपये दिये जायेंगे। ग्रेजुएट लड़कियों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी,” मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुये कहा, शिक्षा के इस सुनहरे दौर में राज्य का शिक्षा बजट भी बढ़ा दिया गया था। पहले जहां शिक्षा पर खर्च नगण्य था, अब राज्य का 22 प्रतिशत बजट बच्चों के भविष्य को संवारने में लगाया जा रहा था। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई दी, और कहा — “अब बिहार की धरती पर शिक्षा की वो किरण फैलेगी, जो आने वाली पीढ़ियों को सफलता का मार्ग दिखाएगी।”












