NASA के मुताबिक 16 फरवरी 2022 से लेकर 17 फरवरी 2022 की रात तक आपको Snow Moon देखने को मिलेगा। अगर आपको चांद के साथ कोई तेज चमकता तारा दिखाई दे तो समझ जाइए की वह लियो नक्षत्र का चमकदार तारा रेगुलस है। इसके साथ ही उत्तरी गोलार्ध में आपको हरबिंगर ऑफ स्प्रिंग नाम का तारा दिखाई देगा। (फोटोः गेटी)

फरवरी में दिखने वाले पूर्ण चंद्र के कई नाम है। पहला स्नो मून । दूसरा स्टॉर्म मून क्योंकि इस समय दुनिया के कई इलाकों में भारी बर्फबारी होती है। चांद को इस तरह के नाम 1930 में दिए गए थे, जब नेटिव अमेरिकन नामों को माएन फार्मर्स अल्मानाक में प्रकाशित किया गया था। इस समय बर्फ और तूफानी मौसम शिकार में दिक्कत पैदा करते थे। इसलिए इसे दो और नामों से बुलाया जाता है। एक है- हंगर मून और दूसरा है फरवरी मून । (फोटोः गेटी)

ब्रिटैनिका के अनुसार प्राचीन यूरोप में इस चांद को कैंडल्स मून भी बुलाया जाता था। क्योंकि यह 2 फरवरी को होने वाले ईसाई त्योहार कैंडलमास से जुड़ा था। यह इसलिए मनाया जाता था क्योंकि मैरी ने अपने बेटे जीसस को प्रभु के सामने सौंप दिया था। (फोटोः गेटी)

चांद के अलावा देर रात करीब 2। 29 बजे आप आसमान में कुछ और खूबसूरत नजारे भी देख सकते हैं। सौर मंडल के सबसे अंदरूनी ग्रह यानी बुध ग्रह (Mercury) को इस समय देखा जा सकता है। यह ग्रह सूरज उगने से पहले या अस्त होने के बाद ही दिखाई देता है। लेकिन यह आपको आंखों से सीधे नहीं दिखाई देगा। इसके लिए आपको एक ताकतवर टेलिस्कोप की जरूरत पड़ेगी। तब आपको आधा रोशन बुध ग्रह दिखाई देगा। (फोटोः गेटी)

आमतौर पर बुध ग्रह साल में छह बार दिखाई देता है। क्योंकि वह सूरज और धरती के बीच की सीधी रेखा से किनारे हट जाता है। ऐसा वह अपनी कक्षा में चक्कर लगाते समय करता है। यह वही समय होता है, जब बुध ग्रह सूरज से सबसे ज्यादा दूर होता है। इसे ग्रेटेस्ट इलॉन्गेशन कहते हैं। (फोटोः गेटी)












